फरियाद लेकर थाने मत जाना!
ब्यूरो, अमर उजाला, गंगीरी (अलीगढ़)।
अपनी फरियाद लेकर थाने मत आना...। पुलिस फरियादी को ही बंद कर देती है! यह शब्द खून से लथपथ बुजुर्ग रूपराम के हैं। बेटे का सहारा लेकर वह थाने में अपने साथ हुई मारपीट की फरियाद करने पहुंचे थे।
पुलिस ने उनकी हालत और बात सुनने की बजाए बेटे कुमरपाल को ही लाकअप में बंद कर दिया। रूपराम के अनुसार वह बोले, यह तो नाइंसाफी है तो पुलिस वालों ने कहा- तू जा, नहीं तो तुझे भी जेल भेज देंगे।
लहूलुहान बुजुर्ग रूपराम की आंखों से बहते आंसू थाने के बाहर जिसने भी देखे वह पुलिस वालों को कोसता रहा। थाना गंगीरी के गांव भोगीपुर निवासी इस बुजुर्ग के अनुसार गुरुवार को उनका भाई रास्ता बंद कर रहा था।
विरोध किया तो सिर पर डंडे से प्रहार किए। इससे सिर फट गया। वह बुरी तरह लहूलुहान हो गए। इस पर बेटे कुमरपाल को लेकर भाई की शिकायत करने थाने पहुंचे। थाने में पुलिस वालों ने उनकी बात नहीं सुनी, उल्टे साथ मौजूद बुजुर्ग के बेटे को ही हवालात की हवा खिला दी।
शुक्रवार को बुजुर्ग ने एसएसपी से मिलकर थाना पुलिस की अभद्रता की शिकायत करते हुए भाई द्वारा बंद किए गए रास्ते को खुलवाने की गुहार लगाई।