शो में नोएडा के डॉगी को प्रथम, मेरठ के जर्मन शेफर्ड को द्वितीय, कोलकाता को तृतीय, भोपाल को चतुर्थ, कोयंबटूर को पांचवा, केरल को छठवां, सुखमीत बलिया को सातवां और पंजाब का डॉगी आठवें स्थान पर रहा।
अलीगढ़ डॉग वेलफेयर सोसाइटी द्वारा 23 नवंबर को ओजोन सिटी स्थित फुटबॉल ग्राउंड पर दसवां राष्ट्रीय डॉग शो आयोजित किया गया। हस्की, जर्मन शेफर्ड, गोल्डन रिट्रीवर, डाबरमैन, भारतीय करावन हाउंड, रोटवीलर नस्ल के कुत्तों को देखकर दर्शक रोमांचित हो गए। शो में देशभर से आए 42 प्रजातियों के लगभग 220 कुत्तों ने प्रतिभाग किया, जिनकी आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विदेश से आए अनुभवी डॉग हैंडलर्स ने अपनी बेहतरीन हैंडलिंग तकनीकों से सभी का दिल जीत लिया।
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कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रवीण मंगला ने किया। शो में कुत्तों के प्रदर्शन का मूल्यांकन बेंगलुरु से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निर्णायक टी प्रीतम और यशोधरा ने किया। शो में अभिजीत दत्ता नोएडा के डॉगी को प्रथम, राजेंद्र लिसाड़ी मेरठ के जर्मन शेफर्ड को द्वितीय, दीप्तिमान सेन गुप्ता कोलकाता को तृतीय, यश श्रीवास्तव भोपाल को चतुर्थ, केपी बैटरी कोयंबटूर को पांचवा, एजाज साहिल केरल को छठवां, सुखमीत बलिया को सातवां और पंजाब के बबली नाभा का डॉगी आठवें स्थान पर रहा। इस अवसर पर पीयूष साराभाई, संदीप नक्षत्र, अनुराग पांडेय और हरेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।
10 हजार रुपये महीने का खर्च
पालतू कुत्तों पर भी अच्छा-खासा खर्च आता है। गोल्डन रिट्रीवर जैसे बड़े कुत्तों पर हर महीने लगभग 10 हजार रुपये तक खर्च हो जाता है। गर्मी के मौसम में इन्हें हफ्ते में एक बार और सर्दियों में दो हफ्ते में एक बार शैंपू से नहलाना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर मिनपिन और चिहुआहुआ जैसी नस्ल के छोटे कुत्तों का मासिक खर्च काफी कम होता है, इनकी देखभाल पर लगभग 100 से 500 रुपये खर्च होते हैं।