अलीगढ़ जिले में जहरीली शराब से मौतों का तांडव थम नहीं रहा। शुक्रवार को आठवें दिन भी जिले में कुल पांच मौतें हुई हैं। इस तरह अब तक मरने वालों का आंकड़ा 103 हो गया है। शुक्रवार को जवां के बाद अकराबाद के एक ईंट-भट्ठे पर भी जहरीली शराब पीने से एक दर्जन लोग बीमार हो गए, जिनमें से दो की मौत हो गई।
यहां भी शराब नहर किनारे पड़ी मिली और उसे भट्ठे के श्रमिकों ने उठाकर पी लिया। इसके अलावा, सासनी गेट, छेरत व जवां क्षेत्र के तीन बीमारों की मौत हुई हैं। वहीं, प्रशासनिक स्तर से शुक्रवार को जिले में जहरीली शराब कांड के जिम्मेदार छह तस्करों को शराब माफिया घोषित कर दिया गया है।
अकराबाद क्षेत्र में हुए घटनाक्रम के विषय में पुलिस को शुक्रवार सुबह खबर मिली तो सीओ बरला सुमन कनौजिया व इंस्पेक्टर आदि मौके पर पहुंच गए। यहां पता चला कि सिसरोई ईंट भट्ठा पर काम करने वाले बिहार के मजदूरों को शेखा नहर के किनारे झाड़ियों में बृहस्पतिवार को शराब पड़ी मिली थी, जिसे रात में पीने से उनकी तबीयत बिगड़ी।
आनन-फानन पुलिस ने बीमारों को अस्पताल भिजवाया। इधर, जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्र के रहने 63 लोगों को मुआवजा देने के लिए शासन ने सात करोड़ रुपये का बजट मांगा है ताकि बजट मिलते ही इन सभी को मुआवजा आदि देना शुरू किया जाए। लोधा के गांव करसुआ में मुआवजा आदि मांगों को लेकर ग्रामीणों ने जहरीली शराब कांड के विरोध में धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर इस कांड में पहले ही दिन से अनदेखी का आरोप लगाया है।