न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने कहा है कि भाजपा के शासन में धर्म और जाति के नाम पर भेदभाव बढ़ा है। अनेकता में एकता की भारत की विशेषता रूपी संस्कृति व परंपरा को तार-तार किया जा रहा है। बसपा व बहन मायावती सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय की नीति पर चलते हैं। जिसकी जितनी संख्या उसकी उतनी ही भागीदारी बसपा का मूलभूत सिद्धांत है। पार्टी इसी पर चलती है।
प्रदेश अध्यक्ष कुशवाहा पार्टी के सामाजिक भाईचारा सम्मेलन को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास भाजपा का खोखला नारा है। गरीब, किसान, दलित, पिछड़े और मुसलमान को राष्ट्रीय स्वयंसेवक की देखरेख में भाजपा नापसंद करती है। यदि भेदभाव न होता तो आज पिछड़े वर्ग से प्रदेश का मुख्यमंत्री होता। अध्यक्षता करते हुए एमएलसी सुरेश कश्यप ने कहा कि बसपा के शासन में निष्पक्ष काम होता था कानून का शासन था।
आज सरकार के संरक्षण में लोग कानून हाथ में ले रहे हैं। दलित, पिछड़े, महिला और मुसलमानों पर अत्याचार बढ़े हैं। इस मौके पर शहर विधानसभा क्षेत्र से डा.मैराज अली को प्रभारी घोषित किया गया।
इस मौके पर पूर्व एमएलसी प्रताप सिंह बघेल, पूर्व मंत्री दयाराम सेन, हेमंत प्रताप सिंह, संघ प्रिय गौतम, गजराज सिंह विमल, रणवीर सिंह, रोशन लाल माहौर, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह, महापौर मु.फुरकान, अमर सिंह यादव, सतीश नायक, मुकेश चंद्रा, रघुवीर सिंह ऊषवा, राधेश्याम, ठा.मृगेंद्र सिंह, सुनील सिंह, जितेंद्र राही, अभय कुमार बंटी, अशोक सिंह आदि उपस्थित थे। सम्मेलन के बीच में मडराक में हुई दो बसों की भिड़ंत में कई लोगों के मारे जाने का समाचार आने पर तत्काल सम्मेलन को समाप्त किये जाने की घोषणा कर दी गई।
प्रदेश अध्यक्ष का सर्व समाज की ओर से जोरदार स्वागत
इससे पूर्व सम्मेलन में सर्व समाज की ओर से प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया गया। जाट समाज की ओर से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी, गंगाराम चौधरी, चौ.अजब सिंह और पवन चौधरी के नेतृत्व में स्वागत हुआ तो यादव समाज की ओर से जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, यशपाल यादव और रामवीर यादव के नेतृत्व में स्वागत हुआ।
लोधी समाज की तरफ से ओपी आर्य, जितेंद्र लोधी, निर्देश लोधी और लोकेश लोधी के नेतृत्व में, बघेल समाज की ओर से मूलचंद बघेल, विजय चंदेल, जितेंद्र बघेल, लालाराम बघेल, प्रजापति समाज की ओर से अशोक प्रजापति, कश्यप समाज की ओर से कैलाश कश्यप, आशीष, ब्राहमण समाज की ओर से महेंद्र पाल शास्त्री, वाल्मीकि समाज की ओर से विष्णु खरे के नेतृत्व में स्वागत हुआ। कुशवाहा समाज की ओर से राम सिंह व प्रकाशवीर कुशवाहा ने स्वागत किया।