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कासगंज दंगा के विरोध में एएमयू छात्रों का मार्च आज

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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कासगंज सांप्रदायिक दंगा के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र आज मौलाना आजाद लाइब्रेरी से कलक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालेंगे। जल्द ही एएमयू के छात्र कासगंज भी जाएंगे और हालात का जायजा लेंगे। छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर एक तरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया है।

यूनियन हॉल में आयोजित बैठक में छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि कासगंज की घटना अत्यंत खेदजनक है और जितनी निंदा की जाए कम है।

देश में सांप्रदायिक शक्तियां पैर पसार रही है। उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर ने कहा कि एएमयू छात्र संघ कासगंज उपद्रव में घायल हुए पीड़ितों की हर संभव मदद करेगा और जल्द ही एक प्रतिनिधि मंडल कासगंज का दौरा करके वहां के हालात का जायजा लेगा।
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छात्र संघ सचिव मोहम्मद फहद कासगंज के मूल निवासी हैं। उन्होंने कहा कि कासगंज में हालात बहुत ही नाजुक हैं और अफवाहों का बाजार गर्म है। उन्होंने कहा कि एक योजनाबद्ध तरीके से समुदाय विशेष के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है और इसमें पुलिस प्रशासन उपद्रवियों का सहयोग कर रहा है।

छात्रसंघ सचिव ने कहा जिस तरह से प्रशासन ने एक पक्षीय कार्यवाही की है, उससे उसकी निष्पक्षता पर संदेह होता है। उन्होंने कहा कि मार्च के माध्यम से सांप्रदायिक उपद्रव का विरोध किया जाएगा और सरकार से निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की जाएगी।

कैबिनेट सदस्य समरीन फरहा, नबीला ज़ेहरा, ज़ैद शेरवानी, नज्मुस साकिब, शहबाज़ शफीक, मोहम्मद नदीम, फरहान ज़ुबैरी, जोहेब अहमद, सैयद मोहम्मद शाहबाज, मतीन अशरफ आदि मौजूद थे।

भगवा झंडा फहराने वालों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई
पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह खां ने कासगंज सांप्रदायिक हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से मांग की है कि गणतंत्र दिवस के दिन भगवा झंडे फहराने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए, ताकि आगे से कोई ऐसी घटना दोबारा न घट सके।
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उन्होंने कहा कि कासगंज में सांप्रदायिक दंगा के नाम पर बेगुनाह लोगों को फंसाया जा रहा है और गिरफ्तारियां की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता कासगंज में जाकर भड़काऊ भाषण दिए, जिसकी वजह से हिंसा फैली। भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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