सपा में 25 तक फाइनल होगा मेयर-पार्षद का टिकट
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के बाद सबसे ज्यादा हलचल समाजवादी पार्टी में है। जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने बताया कि मेयर पद को लेकर अब तक नौ दावेदार सामने आए हैं। शहर सीट से पूर्व विधायक जफर आलम, युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश सचिव राजेश सैनी, अहमद सईद सिद्दीकी, मनोज यादव, बादशाह खान, पूरनमल प्रजापति, प्रशांत वाल्मीकि और अतीक अग्रवाल मेयर पद के बड़े दावेदार हैं। सभी ने अपने आवेदन कर दिए हैं।
अब जिला स्तर की चयन समिति की बैठक के बाद सभी नाम प्रदेश स्तर पर होने वाली 24 अक्तूबर की बैठक में भेजे जाएंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मुहर लगने के बाद प्रत्याशियों को फार्म और पार्टी सिंबल दिया जाएगा।
सपा पहली बार पार्टी सिंबल पर निकाय चुनाव लड़ रही है। 25 अक्तूबर तक ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। पार्षद पदों को लेकर भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पार्षद पद को लेकर 100 आवेदन जिलाध्यक्ष और लगभग 70 आवेदन महानगर अध्यक्ष अज्जू इसहाक के पास आए हैं। अज्जू इसहाक के दुबई में होने के कारण महानगर महामंत्री थान सिंह यादव जिला स्तरीय बैठक में इन सभी के नाम पेश करेंगे।
आज होगी चयन समिति की बैठक
मेयर और पार्षद पद के टिकट के आवेदकों को लेकर जिला स्तर पर गठित हुई चयन समिति की पहली बैठक मंगलवार को धनतेरस के दिन जिला कार्यालय पर दोपहर तीन बजे बुलाई गई है।
बैठक में पूर्व कबीना मंत्री ख्वाजा हलीम, पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह, पूर्व विधायक वीरेश यादव, पूर्व विधायक जफर आलम, जिलाध्यक्ष अशोक यादव, महामंत्री कुंवर बहादुर बघेल, महानगर महामंत्री थान सिंह यादव अब तक आए हुए मेयर और पार्षद पद के आवेदनों की सूची फाइनल करेंगे। यही सूची प्रदेश स्तर पर होने वाली 24 अक्तूबर की बैठक में पेश की जाएगी।
अखिलेश यादव लेेंगे फैसला
समाजवादी पार्टी की प्रदेश स्तरीय बैठक 24 अक्तूबर को बुलाई गई है। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, पूर्व कबीना मंत्री अहमद हसन, राजेंद्र चौधरी, एसआरएस यादव के नेतृत्व में मेयर और पार्षद पदों के दावेदारों की सूची फाइनल होगी। यह सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अवलोकन के लिए भेजी जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि अखिलेश यादव 25 अक्तूबर तक मेयर और पार्षदों की सूची फाइनल कर देंगे।
पूरे दम से मेयर का चुनाव लडूंगा : जफर आलम
वर्ष 1989 में अलीगढ़ नगर पालिका के चेयरमैन का चुनाव लड़ कर राजनीतिक पारी शुरू करने वाले पूर्व शहर विधायक जफर आलम अब तक पांच बार चुनाव लड़ चुके हैं। जिनमें 1989 में नगर पालिका चेयरमैन का चुनाव (भाजपा के ओपी अग्रवाल से हारे), 2009 में लोकसभा चुनाव (बसपा की राजकुमारी चौहान से हारे), 2012 में विधानसभा का चुनाव शहर विधानसभा सीट से जीते।
2014 लोकसभा चुनाव (भाजपा के सतीश गौतम से हारे) और 2017 में शहर विधानसभा का चुनाव (भाजपा के संजीव राजा से हारे) शामिल हैं। इन सभी चुनावों में वह केवल 2012 का विधानसभा चुनाव जीतने में सफल रहे हैं।
बाकी चुनावों में उनकी हार का अंतर कभी कम, कभी ज्यादा रहा। उनके पहले चुनाव में नगर पालिका चेयरमैन का चुनाव उस वक्त जिला पंचायत की तर्ज पर हुआ था, जिसमें चुने गए सदस्यों ने वोट डाला था। जफर आलम और ओपी अग्रवाल को बराबर वोट मिले तो टॉस से चेयरमैन चुना गया। टॉस में ओपी अग्रवाल विजयी हो गए थे।
पूर्व विधायक ने कहा कि उन्होंने मेयर पद के चुनाव के लिए आवेदन किया है। अगर पार्टी नेतृत्व ने मौका दिया तो पूरे दमखम से चुनाव लड़ेंगे और उम्मीद है कि बड़े अंतर से जीतेंगे। जनता केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकारों की मनमानी से बहुत परेशान है और अब बड़े विकल्प के रूप में सपा को देख रही है। गौर हो कि वर्ष 2012 के मेयर पद के चुनाव में 1.90 लाख मुसलिम वोट बंटने से शकुंतला भारती को बड़ा फायदा हुआ और वह जीत गईं। इस बार अगर मुसलिम वोट एकजुट रहा, तो भाजपा को कड़ी टक्कर मिलेगी।