जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए तहसील के दो वकीलों को दस्तावेज दिए थे। इसके साथ ही आवंटन को असंक्रमणीय से संक्रमणीय दर्ज कराने के लिए जमीन की फाइल दी थी। इसके एवज में दोनों वकीलों ने फर्जी हस्ताक्षर वाले कागजात व्हाट्स पर भेजकर किश्तों में करीब दस लाख रुपये ऐंठ लिए।
गौतमबुद्धनगर निवासी एक महिला ने तहसील के दो वकीलों पर फर्जीवाड़ा कर 10 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। कहा कि जमीन के दाखिल-खारिज में दोनों वकीलों ने तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल के फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र उन्हें व्हाट्स एप पर भेज-भेजकर रुपये लेते रहे।
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नूतन यादव पत्नी सुमित यादव निवासी एल्डिकोग्रीन मीरोज सेक्टर पाई ग्रेटर नोएडा के अनुसार दोनों वकीलों ने तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो के फर्जी हस्ताक्षर कर व्हाट्स एप पर कागजात भेजे, लेकिन अभी तक कोई भी आदेश खतौनी में नहीं चढ़ा है।
पीड़िता के अनुसार उन्होंने गांव टप्पल निवासी गज्जू से वर्ष 2022 में जमीन के तीन बैनामा कराए थे। जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए तहसील के दो वकीलों को दस्तावेज दिए थे। इसके साथ ही गाटा संख्या 151, 529 और अन्य गाटों में हुए आवंटन को असंक्रमणीय से संक्रमणीय दर्ज कराने के लिए जमीन की फाइल दी थी। इसके एवज में दोनों वकीलों ने फर्जी हस्ताक्षर वाले कागजात व्हाट्स पर भेजकर किश्तों में करीब दस लाख रुपये ऐंठ लिए। कोतवाली पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।