Khereshwar Dham: जैसे ही रात 12 बजे खेरेश्ववर धाम मंदिर परिसर बम-बम भोले के जयकारों से गूंजने लगा। कांवड़ियों ने जल चढ़ाना शुरू कर दिया। इनके बीच धक्का-मुक्की और आपाधापी शुरू हो गई। इस दौरान भीड़ के दबाव के चलते बैरीकेड टूट गए। कई कांवड़ियां गिर गए।
Kanwar Yatra 2025 Updates: सावन मास के दूसरे सोमवार को रात 12 बजते ही खेरेश्वर धाम पर बम-बम भोले के जयघोष के बीच कांवड़ियों की भीड़ जलाभिषेक करने के लिए उमड़ पड़ी। शिवभक्तों की भीड़ के आगे व्यवस्था धवस्त हो गई। बैरीकेड टूट गए और 10 कांवड़िये गिरकर बेहोश हो गए।
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20 जुलाई शाम से ही कांवड़ियां कांवड़ लेकर खेरेश्वर धाम पर पहुंच गए थे और वहीं पर विश्राम करने लगे। 11 बजते ही ये कतार में लग गए थे। जैसे ही रात 12 बजे पूरा मंदिर परिसर बम-बम भोले के जयकारों से गूंजने लगा। कांवड़ियों ने जल चढ़ाना शुरू कर दिया। इनके बीच धक्का-मुक्की और आपाधापी शुरू हो गई। इस दौरान भीड़ के दबाव के चलते बैरीकेड टूट गए। कई कांवड़ियां गिर गए, जिन्हें बड़ी मुश्किल से निकाला गया। इनमें रामपाल, बिरजू, रमेश, बंटी , राजपाल, मनोज, हरि ओम आदि करीब दस लोगों बाहर खुली हवा में लाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
दरअसल, यहां आने और जाने के लिए एक ही रास्ता बनाया गया था। उसी से शिव भक्त जिलाभिषेक के लिए जा रहे थे और जलाभिषेक के बाद बाहर आ रहे थे। पूर्व में आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ता बनाया जाता रहा है।