पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय स्थित दस बेड के जिरियाट्रिक वार्ड को कोविड-19 संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। दस से अधिक मरीज बढ़ने पर पीडियाट्रिक आईसीयू में मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय को कोविड समर्पित अस्पताल घोषित कर दिया गया था। प्रथम एवं दूसरी लहर के बाद ऐसे वक्त भी आए जब जनपद में कोविड मरीज की संख्या शून्य रही। इसे देखते हुए दीनदयाल अस्पताल में फिर से इमरजेंसी एवं ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं, जिससे आम मरीजों को बहुत राहत मिल रही है।
करीब 15 दिन पहले नैनीताल के एक मशहूर स्कूल से आया छात्र संक्रमित पाया गया। हालांकि उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं थी। वह घर पर दस दिन क्वारंटीन रहकर अब स्वस्थ हो गया है। दो रोज पहले बन्नादेवी क्षेत्र में दो युवक (दोनों भाई हैं) संक्रमित पाए गए हैं और घर में क्वारंटीन हैं। ओमिक्रॉन का खतरा शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर संक्रमित मरीज आने की स्थिति में दीनदयाल अस्पताल के जिरियाट्रिक वार्ड को आरक्षित कर दिया है। यह वार्ड अस्पताल परिसर से बाहर है। यहां संक्रमित मरीज के रहने पर शेष अस्पताल पर संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि 10 बेड के जिरियाट्रिक वार्ड को संक्रमित मरीजों को भर्ती कर उपचार देने के लिए रिजर्व कर दिया गया है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती किया जाएगा। यदि संक्रमण और बढ़ता है तो 300 बेड के अस्पताल को फिर से कोविड अस्पताल में तब्दील कर देंगे। सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि तीसरी लहर की आशंकाओं को देखते हुए तैयारी पूरी कर ली गई है। जिरियाट्रिक वार्ड रिजर्व कर दिया गया है।