जिला पंचायत अध्यक्ष ने उनकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि आखिर एक व्यक्ति के इतने प्रमाणपत्र कैसे बन गए। राकेश बघेल ने कहा कि इतना ही नहीं एसपी सिंह बघेल खुद को धनगर समाज के स्वयंभू नेता मानकर इनका सौदा करते रहे। दल बदल-बदलकर इन्हें बेचते रहे।
इतना ही नहीं, उन्होंने भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे एसपी सिंह बघेल पर जल्द ही पार्टी छोड़ने का भी आरोप लगाया। कहा कि वह अपनी पत्नी को फिरोजाबाद सीट से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहते हैं, इसलिए धनगर समाज को गुमराह कर रहे हैं। राकेश बघेल ने कहा कि धनगर समाज उनकी हकीकत जान गया है। इसलिए अब उनके बहकावे में नहीं आने वाला।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भी आए मैदान में
प्रेसवार्ता के दौरान मौजूद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश बघेल ने भी एसपी सिंह बघेल पर निशाना साधा। कहा कि वो शुरू से ही उनका पार्टी में आने को लेकर विरोध करते रहे हैं। यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि एसपी सिंह बघेल के जाति प्रमाणपत्र का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। इसमें वह कैबिनेट मंत्री के ठाकुर होने के संबंध में भी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने भी एसपी सिंह बघेल पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने और धनगर समाज को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि एसपी सिंह बघेल ही धनगर जाति के अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र नहीं बनवा पा रहे। वह इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे।
इससे पहले अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कठेरिया और प्रदेश सरकार में कैबिनेट एसपी सिंह बघेल के बीच भी विवाद छिड़ चुका है। उन्होंने पिछले दिनों एत्मादपुर क्षेत्र में आयोजित पाल-बघेल सम्मेलन के दौरान एसपी सिंह बघेल के खिलाफ मंच से ही मोर्चा खोल दिया था। मगर, इसके बाद वह पीछे हट गए थे। अब जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल सामने आ गए हैं।
राकेश बघेल के मुंह में डा. रामशंकर कठेरिया के शब्द थे। कठेरिया की विनाशकाले विपरीत बुद्धि वाली स्थिति है। वह पूरी तरह से भाजपा द्वारा पोषित हैं। इसलिए उनको घमंड नहीं करना चाहिए। क्योंकि उनकी स्वयं की जाति के तो सिर्फ 922 वोट हैं। देश की जनता घमंडियों को बर्दाश्त नहीं करती। वह सिर्फ शहर के 12-14 उद्योगपतियों से ही घिरे हुए हैं। गरीब जनता से दूर हो गए हैं। - प्रो. एसपी सिंह बघेल, पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री, प्रदेश सरकार