वर्ष 2016 में फर्जीवाड़ा करके कर्मचारी चयन आयोग की जीडी कांस्टेबल परीक्षा पास करके नौकरी पाने के मामले में राजस्थान पुलिस ने शनिवार को सुरीर क्षेत्र के ओमवीर को गिरफ्तार किया है। फर्जीवाड़े का खेल पकड़ में आने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया था और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। तभी वह मामले में वांछित चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, कर्मचारी चयन आयोग की जीडी कांस्टेबल परीक्षा वर्ष 2016 में सुरीर थाना क्षेत्र के गांव सामोली निवासी ओमवीर सिंह का केंद्रीय सुरक्षा बल में आरक्षक के रूप में चयन हुआ था। इसके बाद उसे वर्ष 2017 में प्रशिक्षण के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के प्रशिक्षण केंद्र बहरोड़ जिला अलवर में भेजा था। यहां चार मई 2017 को गुमनाम शिकायती पत्र मिला। इसमें उल्लेख किया गया कि ओमवीर सिंह ने किसी अन्य को अपने स्थान पर तैनात कर लिखित परीक्षा पास कराई है।
शिकायत के बाद कोर्ट आफ इन्क्वायरी हुई। इसमें बोर्ड ने प्रशिक्षणार्थी की लिखित परीक्षा, पीएसटी और मेडिकल एडमिट कार्ड पर उपलब्ध हस्ताक्षर, लेखनीय और एलटीआई को विशेषज्ञ जांच के विधि विज्ञान प्रयोगशाला शिमला भेजा। जांच में अलग-अलग व्यक्ति के हस्ताक्षर और लेखनीय मिली। इसी दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। इसके बाद सीआईएसएफ प्रशिक्षण केंद्र बहरोड़ के अधिकारियों ने ओमवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर उसे बर्खास्त कर दिया।
करीब आठ वर्ष बाद शनिवार को राजस्थान के जिला अलवर के बहरोड़ थाने की पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया है। सीओ आशीष शर्मा ने बताया कि आरोपी ओमवीर को राजस्थान पुलिस उसके घर से उठाकर ले गई है। वह फर्जीवाड़े के मामले में आठ साल से वांछित चल रहा था।
सुरीर में पंचायत सहायक की नौकरी कर रहा था आरोपी
केंद्रीय सुरक्षा बल में आरक्षक के पद से बर्खास्त होने के बाद ओमवीर सुरीर क्षेत्र के ग्राम पंचायत सामोली में पंचायत सहायक के पद पर तैनात था। वह तीन साल से यह कार्य कर रहा था, लेकिन शनिवार को किसी कारण से काम पर नहीं गया था। इसी दौरान सुरीर थाने की पुलिस के सहयोग से राजस्थान पुलिस और ने उसको घर से पकड़ लिया। फिर यहां से राजस्थान के लिए रवाना हो गई।