रोजगार कार्यालय में बने कोविड केंद्र पर बुधवार को नमूना लेने में देरी होने पर युवकों ने हंगामा कर दिया। युवकों की भीड़ और हंगामे को देखकर अस्पताल प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने युवकों को लाइन में लगवाकर शांत कराया। शाम छह बजे तक नमूना लिए गए।
सेना की भर्ती के लिए कोरोना वायरस की जांच जरूरी है, इसके लिए रोजगार कार्यालय में करीब 400 से अधिक युवक नमूना देने के लिए पहुंचे। सुबह सात बजे से ही काउंटर पर लाइन लग गई थी। परिसर खचाखच भरने से धक्का-मुक्की होने लगी। आठ बजे से नमूना लेने की प्रक्रिया शुरू हुई, भीड़ अधिक होने के कारण नमूना लेने में देरी युवक भड़क गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे।
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सूचना पर पुलिस पहुंची और युवकों को फटकारते हुए लाइन में लगाया। अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों ने भी युवाओं को शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि सभी के नमूने लिए जाएंगे, भले ही कितनी देर हो जाए। इस पर युवक शांत हुए। शाम छह बजे तक दो टेक्नीशियनों ने युवकों के नमूने एकत्रित किए।
कोरोना की जांच कराने आए, मास्क नहीं पहनें
कोरोना वायरस की जांच कराने आए युवाओं में इक्का-दुक्का ही मास्क लगाए हुए था, सामाजिक दूरी तक नहीं किया, सटकर ही सभी लोग लाइन में लगे हुए थे। भीड़ अधिक होने पर पुलिस भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं करवा पाई।
तीन से चार घंटे के बाद नमूने का आया नंबर
सेना की भर्ती में शामिल होने से पहले कोरोना की जांच कराने के लिए युवक सुबह सात बजे से ही रोजगार कार्यालय बने कोविड केंद्र पहुंच गए थे। यहां पर आठ बजे से नमूना लेने का कार्य शुरू हुआ। युवाओं की संख्या अधिक होने के कारण तीन से चार घंटे लगे।
जब अस्पताल प्रशासन को पता है कि सेना की भर्ती के लिए युवा जांच कराने आ रहे हैं तो काउंटर बढ़ा दिए जाने चाहिए, लेकिन दो ही काउंटरों पर नमूने लिए गए हैं। - गौरव कुमार, ईदगाह
सेना की भर्ती के दौरान कोरोना वायरस की जांच के लिए चार-पांच काउंटर बनाने चाहिए, जिससे समय पर जांच हो जाए, नहीं तो भर्ती में शामिल भी नहीं हो पाएंगे। - कृष्णवीर सिंह, मऊ रोड
आठ बजे से लाइन में लगा और करीब साढ़े ग्यारह बजे नमूना देने की बारी आई। व्यवस्थाएं कुछ भी नहीं की गईं, जिससे धक्का-मुक्की होने से परेशानी और ज्यादा हुई। - कमल कुमार, पृथ्वीनाथ फाटक