इस योजना का मुख्य उद्देश्य आगरा की प्रसिद्ध खाद्य संस्कृति को विश्व स्तर पर बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं को उद्यमी बनाकर उनके लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। उपायुक्त उद्योग शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की एक जनपद-एक व्यंजन योजना 5 जून, 2026 से लागू की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन चिह्नित व्यंजनों से जुड़ी सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने के लिए युवाओं को वित्त पोषण योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। स्थापित होने वाले उद्योग, सेवा या व्यवसाय क्षेत्र की इकाइयों को प्रोजेक्ट लागत का 10 से 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। यह राशि अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है।
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ऐसे करें आवेदन
इच्छुक और पात्र युवा एमएसएमई विभाग की आधिकारिक पोर्टल
https://msme.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित प्रारूप पर आवेदन पत्र के साथ शपथ पत्र, परियोजना प्रपत्र (प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। अधिक जानकारी या मार्गदर्शन के लिए नुनिहाई स्थित जिला उद्योग प्रोत्साहन व उद्यमिता विकास केंद्र में भी संपर्क किया जा सकता है।
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यह है पात्रता और शर्तें
- आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- एक परिवार के किसी एक ही सदस्य को इस योजना का लाभ केवल एक बार मिलेगा।
- आवेदक ने भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार की संचालित किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ न लिया हो।
- वित्तीय पोषण केवल आगरा के लिए चिह्नित उत्पादों (पेठा, नमकीन/दालमोठ, गजक और आगरा का पराठा) की इकाइयों को ही प्राप्त होगा।
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