मृतक की मां रेनू लता ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले एसपी सिंह 17 नवंबर को हरिद्वार जा रहे थे। उनकी पत्नी घर का सामान रख रही थीं। बेटा राजू भी पड़ोसी के घर में टीवी देख रहा था। एसपी सिंह, उनकी पत्नी और बेटा अंशुल सोमवार सुबह लौटकर आए।
राजू और उसकी मां मथुरा पेंशन से संबंधित कागजात भरने मथुरा गए थे। मंगलवार को एसपी सिंह की पत्नी ने राजू को फोन किया और कहा कि उसके पास घर से चोरी गया गहनों से भरा बैग है। उसे लौटा दे, लेकिन राजू ने बैग के बारे में जानकारी से इंकार कर दिया। रेनू से भी बात की।
उन्होंने भी बैग के बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया। रेनू और राजू बुधवार दोपहर डेढ़ बजे मथुरा से लौटकर आए। शाम पांच बजे राजू घर के बाहर गया था। तभी उसे पुलिस पकड़कर ले गई। मां रेनू लता को यही लगा कि बेटे ने चोरी की होगी।
गुरुवार सुबह दस बजे पुलिस ने रेनू को भी पकड़ लिया। पुलिस ने कहा कि राजू ने बताया है कि गहने आपके पास हैं। इसलिए गहने दे दो। 11 बजे थाने की हवालात से निकालकर बेटे की उनसे मुलाकात कराई। वो रो रहा था।
उसने बैग के बारे में तब भी इंकार किया। मगर, पुलिस ने सुनी नहीं। शाम को सात बजे पुलिस के वाहन से ही रेनू को घर भेज दिया। रात आठ बजे दरोगा आए। उन्होंने बताया कि राजू की मौत हो गई है। रिश्तेदारों को बुलवा लो। पंचायतनामा भरना है।
घर में राजू इकलौता बेटा था। बेटे की मौत से मां रेनू लता के आंसू नहीं रुक रहे हैं। पड़ोसी उन्हें किसी तरह संभाल रहे थे। वो रोते हुए यही बात कर रही थीं, बेटे ने कुछ नहीं किया था। फिर भी पुलिस पकड़कर ले गई। पुलिस ने बेटे को छीन लिया। उसकी पिटाई की। अब उनका कोई सहारा नहीं है।
पुलिस हिरासत में मौत की घटना को पुलिस ने घंटों दबाए रखा। थाने में सीओ हरीपर्वत सहित तीन अधिकारी भी आए। घटना के संबंध में किसी तरह की जानकारी मीडिया को नहीं दी गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी को शक में लाया गया था। वो भी जिसके घर में चोरी हुई थी उसी ने थाने लाकर सौंपा था।
इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि राजू की मौत की जांच एसपी पश्चिम अखिलेश नारायण को सौंपी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी देखी जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।