आगरा के सदर थाना क्षेत्र में गोवंश को भगाते समय पैर फिसलने से एक युवक तालाब में गिर गया। यह देख आसपास खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया। लोगों ने करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद युवक को बाहर निकाला गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पत्नी ने कहा कि तालाब में अधिक गंदगी के कारण ही तलाशने और बाहर निकालने में देरी हुई। आरोप लगाया कि अगर तालाब की सफाई और साैंदर्यीकरण कर दिया होता तो, उनके पति की जान बच सकती थी। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है। अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
नैनान ब्राह्मण निवासी किशन पाल (38) पत्नी मीनू देवी और चार बेटियों के साथ रहते थे। मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। उनके बड़े भाई डूंगर सिंह ने बताया कि बुधवार शाम को करीब 5 बजे उनके घर के पास गोवंश घूम रहे थे। किशन पाल उन्हें भगाने लगे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और 30 फीट गहरे तालाब में गिर गए।
यह देख आसपास खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया। गांव के लोग रस्सी लेकर किशन पाल को बचाने दौड़े। तालाब में गंदगी होने के कारण तैराक भी गंदे पानी में किशन पाल को नहीं खोज सके। करीब एक घंटे बाद बाहर निकला गया। पुलिसकर्मी, परिजन की मदद से उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया। पत्नी ने आरोप लगाया कि तालाब की सफाई और सौंदर्यीकरण के नाम पर कुछ भी नहीं किया। अगर तालाब की सफाई हो गई होती तो उनके पति की जान बच जाती। सदर थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि परिजन ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। संवाद