आर्थिक तंगी से परेशान मजदूर ने शुक्रवार दोपहर को यमुना किनारा मार्ग से यमुना में छलांग लगा दी। तेज बहाव में वह एक किलोमीटर तक पानी में बहता हुआ दशहरा घाट तक पहुंच गया। तभी जल पुलिस की नजर पड़ गई। बहते हुए मजदूर को बचाने के लिए स्टीमर से पुलिसकर्मी पहुंचे और उसे बचाया। अस्पताल में उपचार के बाद मजदूर की हालत में सुधार है। सूचना पर परिजन भी आ गए। उसकी पहचान पवन उर्फ टिंकू के रूप में हुई।
थाना ताज सुरक्षा पुलिस के जल चौकी प्रभारी को दोपहर दो बजे थाना ताज सुरक्षा पुलिस के बसई घाट ड्यूटी पॉइंट से सूचना मिली थी कि यमुना में एक व्यक्ति बहता हुआ जा रहा है। उसके जिंदा होने की संभावना है। सूचना पर जल चौकी प्रभारी सहित अन्य बचाव कार्य में जुट गए।
स्टीमर से यमुना में डूबते व्यक्ति का रेस्क्यू करने के लिए मुख्य आरक्षी संजय कुमार, आरक्षी अनुज धामा के साथ यमुना के तेज बहाव में चौकी के कर्मचारियों ने कूदकर व्यक्ति का रेस्क्यू किया गया। किनारे पर लाकर प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल ले गए, जहां मजदूर की हालत में सुधार हो गया।
बेटे को लेकर पत्नी चली गई थी दिल्ली, परिजन भी हुए दूर
प्रभारी निरीक्षक ताज सुरक्षा तिलकराम भाटी के मुताबिक, यमुना से बचाए गए व्यक्ति की पहचान हो गई है। उसकी उम्र 40 साल है। होश में आने के बाद उसने बताया कि उसका एक बेटा है। मगर, कई साल पहले पत्नी बेटे को लेकर दिल्ली चली गई। वह कई साल से छीपीटोला में एक कमरा किराये पर लेकर रह रहा है। मजदूरी करता है। चचेरा भाई महेश कैंट क्षेत्र में रहता है, जबकि जीजा रवि मथुरा में रहते हैं। परिवार के लोग कम ही संपर्क करते हैं। वह किसी तरह अपना खर्च चला रहा है।
मकान खाली करने की बात से तनाव में आया
पुलिस की पूछताछ में पवन ने बताया कि कई महीनों से काम नहीं कर रहा था। इस वजह से खर्च उठाना मुश्किल हो गया। उधर दो दिन पहले मकान मालिक ने भी कमरा खाली करने के लिए बोल दिया। इससे तनाव में आ गया। वह दोपहर में यमुना किनारा पर पहुंचा और यमुना में कूद गया। मगर, बारिश की वजह से यमुना में पानी अधिक है। तेज बहाव में वह बहने लगा। करीब एक किलोमीटर की दूरी पर उसे बचा लिया गया।