पिता का दर्द, बेटे के सिर पर चोट लगी थी
जवान बेटे की माैत से पिता प्रेमपाल के आंसू नहीं रुक रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटा सैलून की दुकान पर काम करता था। 14 सितंबर की रात को दोस्त के जन्मदिन के लिए जाने के बाद बेटा घर वापस नहीं आया। उन्हें चिंता हुई। वह तलाश करते रहे लेकिन कहीं मिला नहीं। 15 सितंबर को थाना सदर में तहरीर दी। पुलिस ने नाबालिग होने पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर ली। नगला प्यारे सोहल्ला रेलवे फाटक के पास है। थाना मलपुरा की धनौली चौकी की सीमा लगती है। बेटा जन्मदिन मनाते में पुलिस के दाैड़ाने पर लापता हुआ था। थाना सदर पुलिस ने जानकारी लेने की जहमत नहीं उठाई। इस वजह से वो मिल नहीं सका। बेटे के सिर पर चोट का निशान था। वह घायल हो गया। उसे समय पर इलाज नहीं मिला। इस वजह से जान चली गई। बेटे की माैत के लिए पुलिस जिम्मेदार है।
पुलिस के सामने बोला युवक 6 हजार लेकर छोड़ा
पुलिस ने आरोपों को गलत बताया। बिना जांच ही कहा कि सभी युवक नाबालिग होने के कारण परिजन के सुपुर्द किए गए थे। इसी बीच पुलिस के सामने ही एक युवक सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि चौकी पर लाए गए युवकों से वसूली की गई थी। पकड़े गए युवकों में उसका भतीजा शामिल था। 6 हजार रुपये वसूलने के बाद ही भतीजे को पुलिसकर्मियों ने जाने दिया। परिजन ने चाैकी पर हंगामा भी किया। कार्रवाई की मांग की। बाद में पुलिस ने समझाकर शांत किया। इस पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
नाले में शव पड़ा रहा, पुलिस को नहीं लगी भनक
जिस नाले में शव मिला, वह ढका हुआ है। उस पर खोखे भी रखे हुए हैं। अब सवाल उठ रहा है कि शिवम कैसे गिर गया। दो थानों की पुलिस क्या कर रही थी। एक थाने की पुलिस ने शिवम को दाैड़ाया था। दूसरे थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन तलाश करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। पुलिस अपहरण के मामले में भी लापरवाही कैसे करती रही? पुलिस अगर शिवम के साथियों से बात करती तो घटना का पता चल सकता था।
अधिकारियों से पिता के सवाल
- कंचनपुर में पुलिस किस सूचना/शिकायत के आधार पर पहुंची थी, इसकी जांच की जाए?
- पुलिस ने जिन युवकों को पकड़ा, क्या उनकी जीडी में कोई लिखापढ़ी की गई?
- पुलिस के पहुंचने के बाद कौन-कौन लोग वहां से भागे। पुलिस ने किनका पीछा किया?
- शिवम नाले में किस समय गिरा, उस समय मौके पर कौन-कौन पुलिसकर्मी मौजूद थे?
- नाले से निकालने के लिए पुलिस ने क्या कार्रवाई की? इसकी जांच की जाए।
- घटनास्थल, पुलिस चौकी और आसपास लगे कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराएं।