परिजनों ने लाइन हटने एवं दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग पूरी होने तक शव नहीं हटने दिया। आखिर में बिजली विभाग के अधिकारी ने जांच और मुआवजे का आश्वासन दिया। वहीं पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज किए जाने का आश्वासन दिया।
आगरा के बाह के खेड़ा राठौर के बिरखेपुरा गांव में बुधवार की सुबह आठ बजे अपने घर की छत पर प्लास्टर करा रहे जितेन्द्र सिंह (22) की एचटी लाइन के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। बचाने पहुंची छोटी बहन मोहिनी भी झुलस गई। कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी एचटी लाइन न हटाए जाने पर हुए हादसे को बिजली विभाग की लापरवाही बताकर गुस्साए परिजनों ने शव रख कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे अधिशाषी अभियंता रोहित शर्मा एवं खेड़ा राठौर पुलिस ने जांच और कार्रवाई आश्वासन दिया।
बिरखेपुरा के मुकेश कुमार ने पुलिस को बताया कि घर के ऊपर से एचटी लाइन गुजर रही है। लाइन हटाने के लिए कई बार बिजली विभाग से शिकायत की, लेकिन अधिकारी टालमटोल करते रहे। आरोप है कि धन की मांग भी की गई। बुधवार की सुबह बेटा जितेन्द्र सिंह घर की छत का प्लास्टर करा रहा था। जैसे ही वह छत से उठा, एचटी लाइन के संपर्क में कंधा आ गया और करंट की चपेट में आने से छटपटा कर गिर कर बेहोश हो गया। गिरते समय जितेन्द्र सिंह की चीख निकलने पर छत पर मौजूद छोटी बेटी मोहिनी उसे बचाने के लिए पहुंची तो लाइन के संपर्क में आने से उसका सिर झुलस गया और गिर पड़ी।
चीखपुकार मचने पर परिजन और पड़ोस के लोग दोनों को उपचार के लिए बाह सीएचसी पर ले पहुंचे। जहां पर चिकित्सक ने जितेन्द्र सिंह को मृत घोषित कर दिया। जीवित होने के अंदेशे में परिजन आगरा ले पहुंचे। वहां पर भी मृत घोषित किए जाने पर शव लेकर बाह सीएचसी पर पहुंचे। बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर गुस्साए परिजन और गांव के लोगों ने जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस के समझाने पर शव को लेकर घर पर पहुंच गये। पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गये। लेकिन परिजनों ने लाइन हटने एवं दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग पूरी होने तक शव नहीं हटने दिया। आखिर में अधिशाषी अभियंता रोहित शर्मा ने जांच और मुआवजे का आश्वासन दिया। वहीं एसओ खेड़ा राठौर ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज किए जाने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। हादसे से परिवार में कोहराम मचा है।
हाथ की मेहंदी छूटने से पहले ही उजड़ा सुहाग, छह महीने पहले हुई थी शादी
आगरा के बाह में छह महीने पहले बिरखेपुरा के जितेन्द्र सिंह की शादी दया का नगला फिरोजाबाद की पारस देवी के साथ हुई थी। पारस देवी के हाथों की मेहंदी ठीक से छूट भी नहीं पाई है कि बुधवार को जितेन्द्र सिंह की मौत के साथ उसका सुहाग उजड़ गया। पति का शव देखकर बेसुध हुई पारस देवी बस यही कह रही थी कि बिन सुहाग के कैसे जिऊंगी? मृतक की मां गिरजा देवी भी सुधबुध खो बैठी है। एक तरफ बेटे का शव पड़ा था, दूसरी तरफ सुहाग उजड़ने से बेसुध हुई पत्नी थी। ढांढ़स बंधाने वालों को यही बोल रही थी कि ईश्वर ने बेटे से पहले उसे ही उठा लिया होता तो अच्छा रहता। कैसे बहू को संभालूंगी? बिरखेपुरा में जितेन्द्र सिंह की मौत से परिवार टूट गया है। खेती बाड़ी पर आश्रित परिवार में कोई संभालने की स्थिति में नहीं है। माता गिरजा देवी एवं पिता मुकेश कुमार पैरों से दिव्यांग हैं। बड़ा बेटा जितेन्द्र सिंह की कमाई पर परिवार आश्रित था।