आगरा के सिकंदरा में शुक्रवार रात को कार चालक ने फांसी लगाकर जान दे दी। आरोप है कि चालक का पत्नी से विवाद हो गया था। ससुरालियों ने घर आकर चालक के पिता की बेइज्जत कर दिया। इससे दुखी होकर उसने आत्महत्या कर ली।
एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें पत्नी और ससुरालियों को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक सोनू पुत्र रघुवीर सिंह केकेनगर की उमा कुंज कॉलोनी में रहता था।
परिजनों के अनुसार कि सोनू की शादी पांच साल पहले एत्मादपुर की रहने वाली रागिनी के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही रागिनी और सोनू में अनबन रहती थी।
ससुरालियों ने किया था पिता को बेइज्जत
आरोप है कि चार दिन पहले रागिनी के परिजन घर आए थे। उन्होंने सोनू के पिता के साथ अभद्रता की। उनको खरी-खोटी सुनाई।पुलिस को भी बुला लिया। कई आरोप भी लगाए।
बाद में रागिनी को घर के सामान और जेवरात के साथ घर ले गए। धमकी देकर गए। तीन मई को सोनू घर आया तो घटना की जानकारी हुई। पिता की बेइज्जती से वो तनाव में आ गया।
शुक्रवार रात को अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद परिजन उसे बुलाने गए तो पंखे से फांसी पर लटका मिला। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। कमरे से सुसाइड नोट बरामद किया।
'पापा मुझे माफ करना...'
मृतक सोनू का फाइल फोटो
इसमें उसने लिखा, 'पापा मुझे माफ करना। मैंने यह कदम अपने ससुरालियों की वजह से उठाया है। उन्होंने पुलिस बुलाकर आपको बेइज्जत किया। मैंने जो किया है वो पत्नी से परेशान होकर किया है।'
पीड़ित पिता रघुवीर ने पुत्रवधू रागिनी सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर थाना सिकंदरा ने बताया कि आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
सोनू की तीन साल की बेटी है। कुछ दिन पहले उसका बर्थडे था। पत्नी ने सोनू से केक लाने को कहा था। मगर, सोनू समय पर नहीं आ सका। उसने पिता रघुवीर से केक मंगा लिया था। इसके बाद से दोनों में अनबन थी।