दो महीने पहले युवक ने युवती से कहा कि उसे रुपयों की जरूरत है। उसका खाता किसी कारण वश फ्रीज हो गया है। वह शादी के खर्च में जोड़ लेगा। इस पर युवती ने सवा लाख रुपये खाते में जमा कर दिए। इसके बाद भी रकम मांगने लगा। युवती ने अपने परिचित से 75 हजार रुपये और जमा करा दिए।
एक महीने से युवक टालमटोल कर रहा था। शक होने पर युवती ने सवाल किए। इस पर युवक ने फोन उठाने बंद कर दिए। पीड़िता ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत की। पुलिस ने आरोपी के बैंक एकाउंट को होल्ड करा दिया। इसके बाद अन्य खाते भी होल्ड पर करा दिए। इससे रकम नहीं निकल सकी।
बाद में पुलिस का शिकंजा कसने पर युवक ने रकम युवती के खाते में जमा कर दी। पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। वह झारखंड के देवघर का रहने वाला निकला। साइबर थाना के एसआई चेतन भारद्वाज ने बताया कि युवती की रकम शादी का रिश्ता तय करने के बहाने निकाल ली गई थी। यह रकम वापस करा दी गई।
थाना सदर के सेवला निवासी एक युवक के खाते से दोस्त ने ही दो लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत की। इस पर आरोपी दोस्त की हकीकत पता चल गई। हालांकि दोस्त ने रकम वापस कर दी।
सदर क्षेत्र के सेवला निवासी युवक दो महीने पहले बैंक में अपनी पासबुक में खाते में जमा रकम की जानकारी करने गए थे। पासबुक पर एंट्री हुई तो पता चला कि एक हजार रुपये ही खाते में बचे हैं, जबकि उनके खाते में दो लाख रुपये से ज्यादा जमा थे।
पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने रेंज साइबर थाने को जांच सौंपी। पुलिस की जांच में पता चला कि विभिन्न ई-वालेट से रकम ट्रांसफर की गई। 45 हजार यूपीआई से ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने ई वालेट की जानकारी निकाली। एक युवक को पकड़ा। वह पीड़ित का ही दोस्त निकला।
जांच में पता चला कि दोस्त मोबाइल और एटीएम कार्ड अक्सर ले जाता था। इस दौरान ही जानकारी ले ली। लॉकडाउन के दौरान रकम निकालता रहा। पीड़ित के मोबाइल पर आने वाले संदेश को डिलीट कर देता था। पुलिस कार्रवाई का डर होने पर रकम वापस कर दी। साइबर थाना पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया।