कासगंज के सिढ़पुरा थाने में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। एक युवक अपने साथी को छुड़ाने थाने पहुंचा और सिपाही से भिड़ गया। इस पर दोनों में मारपीट हो गई। मारपीट में सिपाही और युवक दोनों घायल हो गए। सिपाही की वर्दी भी फट गई।
अन्य पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव करते हुए दोनों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर सीओ सहावर व सीओ पटियाली पहुंच गए। मामले की जांच की गई। बाद में सिपाही की तहरीर पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मंगलवार की शाम सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के गांव ताजपुर में ग्रामीण अरुण कुमार एवं सुनील कुमार के बीच विवाद हो गया था। विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक पक्ष से सुनील और दूसरे पक्ष से अरुण के एक रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया।
दोनों को शांतिभंग की धारा में पाबंद कर दिया। आरोप है कि बुधवार सुबह 10 बजे अरुण कुमार पुत्र बाबू सिंह निवासी ताजपुर एवं एक अज्ञात व्यक्ति ने थाने में हंगामा किया और अपने रिश्तेदार को छुड़ाने का दबाव बनाया।
इस पर आरक्षी शिव कुमार ने अरूण को समझाया कि शांति भंग की धारा में दोनों को पाबंद किया है। एसडीएम कोर्ट से जमानत मिलेगी, लेकिन अरुण कुमार बौखला गया और आरक्षी शिव कुमार के साथ मारपीट करते हुए वर्दी फाड़ दी।
आरक्षी ने भी बचाव में ग्रामीण के साथ मारपीट कर दी। बताया गया कि ग्रामीण अचेत हो गया था। परिजन आरोप लगाने लगे कि पुलिस ने बेरहमी से अरुण को पीटा है। जिससे वह अचेत हो गया।
पुलिस ने आरक्षी और ग्रामीण का चिकित्सीय परीक्षण कराया। चिकित्सकों ने ग्रामीण को स्वस्थ बताया और उसके बाद आरक्षी ने ग्रामीण के विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज करा दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने सीओ पटियाली व सीओ सहावर को मौके पर भेजा और मामले की जांच कराई। सीओ सहावर ने जांच रिपोर्ट एसपी को दे दी है। जांच में ग्रामीण को दोषी बताया गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सिढ़पुरा थाने के विवाद की जांच करने पहुंचे थे। ग्रामीण ने थाने में घुसकर आरक्षी के साथ मारपीट करने का दुस्साहस किया। उसके साथ मारपीट की, वर्दी फाड़ दी। आरक्षी के गले पर चोट के निशान हैं। ग्रामीण पूरी तरह दोषी है
प्रदीप कुमार, सीओ सहावर