आगरा जिले के गांव रसूलपुर के प्रधान हरिकिशन (48) की हत्या गांव के ही युवक नरेश ने की थी। पुलिस ने घटना के खुलासे का दावा करते हुए उससे पूछताछ के बाद बताया कि 20 दिन पहले वो प्रधान के पास राशन कार्ड बनवाने के लिए गया था। प्रधान ने मना कर दिया था। इसी पर उसने हत्या की ठान ली, क्योंकि प्रधान के साथ पहले से रंजिश चली आ रही थी। गला दबाकर मार डालने के पांच घंटे बाद सुबूत मिटाने के लिए उसने झोपड़ी में आग लगाई थी।
एत्मादपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पीछे झोपड़ी में बुधवार की सुबह प्रधान हरिकिशन का अधजला शव मिला था। मामले में देर रात ग्राम प्रधान के पुत्र गौरव ने गांव के ही नरेश पुत्र भगवानदास के खिलाफ शक जाहिर करते हुए हत्या की तहरीर दी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
गौरव के अनुसार, उसके पिता शराब पीने के आदी थे। 28 जुलाई की शाम करीब सात बजे वो शराब पीकर अनिल की चक्की के सामने से घर के लिए वापस आ रहे थे। तभी नरेश उसके पिता को रोककर बातचीत करने के बाद हाथ पकड़ कर ले गया था, जिसे गांव के नीतू व सर्वेश ने देखा था।
सुबह उनका अधजला शव रशीद खां की झोपड़ी में मिला। गांव के रामेश्वर व सियाराम ने बताया कि सुबह चार बजे वो जूनियर हाईस्कूल की तरफ जा रहे थे तभी रास्ते में नरेश हड़बड़ी में रशीद खां की झोपड़ी की तरफ से आते हुए देखा था। थाना एत्मादपुर के प्रभारी निरीक्षक सलीम ने बताया कि गांव के युवक नरेश ने प्रधान की हत्या की बात कुबूल कर ली है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।