फिरोजाबाद के टूंडला में 10 माह के मासूम बेटे की हत्या करने वाले आरोपी पिता को पुलिस ने सुभाष चौराहे से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के बाद जेल भेजा है। पूछताछ में उसने वारदात के पीछे जो वजह बताई वो हैरान करने वाली है।
टूंडला के बल्देव रोड निवासी मोहित उर्फ मोंटी सोमवार शाम तीन बजे करीब अपने 10 माह के मासूम बेटे लड्डू को साथ लेकर लापता हो गया था। आगरा पुलिस ने मंगलवार सुबह आठ बजे लड्डू का शव नाले से बरामद कर लिया था। परिजनों ने शव की शिनाख्त की थी।
मोंटी के फूफेरे भाई धीरज गुप्ता ने मोहित के खिलाफ मासूम की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी मोंटी ने परिजनों को फोन कर बेटे का शव रामबाग में होने की सूचना दी थी। इसके बाद उसे उसने फोन स्विच ऑफ कर लिया।
वारदात के बाद ट्रेन से पहुंचा अलीगढ़
बेटे को नाले में फेंक मोंटी मंगलवार सुबह यमुना ब्रिज स्टेशन पहुंचकर एटीडी पैसेंजर ट्रेन में सवार हो गया था। ट्रेन के टूंडला स्टेशन पर पहुंचने पर उसे आरपीएफ ने महिला कोच में बैठे होने पर पकड़ लिया था।
जुर्माना के लिए पैसे न होने पुलिस ने उसे चालान कर गोमती एक्सप्रेस से रेलवे कोर्ट अलीगढ़ भेज दिया था। जहां मंगलवार शाम को ही उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया था। शाम को वो अलीगढ़ से पैसेंजर ट्रेन पकड़कर टूंडला पहुंच गया था।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी
टूंडला में उसने छुपते-छुपाते रात गुजारी। इसके बाद वो स्टेशन के इर्दगिर्द घूमता रहा। बुधवार रात आठ बजे करीब वह सुभाष चौराहे पर खड़ा था, तभी पुलिस ने पकड़ लिया। थाने में पुलिस ने उससे काफी देर तक पूछताछ की।
आरोपी मोंटी ने पुलिस को बताया कि वो बेरोजगार था, उसे परिवार के लोग ताने दिया करते थे। कहते थे कि 30 साल का होने जा रहा है, नौकरी कर ले। इससे वो घुटन महसूस कर रहा था। आगे चलकर बेटा भी बोझ न बने, इसलिए उसने बेटे को जिंदा नाले में फेंक दिया।