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पहले शराब पिलाई, फिर गोली मारकर दोस्त की हत्या, आठ सेकंड की कॉल से खुला राज

Sun, 16 Dec 2018 09:01 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
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दोनों हत्यारोपियों को घटनास्थल पर लेकर आई पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन में 10 दिसंबर से लापता युवक की हत्या उसके दोस्तों ने ही की थी। इसके बाद शव बोरे में बंद कर पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया। मोबाइल लोकेशन से आरोपियों तक पहुंची पुलिस को पहले दोनों युवकों ने झूठी कहानी बताई। 
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कड़ाई से की पूछताछ के बाद हत्या का राज खुल गया। हत्या पांच लाख के लालच में की गई थी। दोनों आरोपी मृतक के पिता से रुपये वसूलना चाहते थे। पुलिस ने रविवार को शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक युवक के पिता व्यापारी व समाजसेवी हैं। 

जंगल कट्टी निवासी पुरुषोत्तम के 23 वर्षीय पुत्र अनुज को 10 दिसंबर की शाम उसके दो दोस्त घर से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद वो नहीं लौटा। पिता पुरुषोत्तम ने दो दिन बाद पुलिस को सूचित कर अनुज की गुमशुदगी दर्ज कराई। 
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शुरू से ही था दोस्तों पर शक

पिता को शुरू से ही उसके दो दोस्तों पर शक था। जांच कर रही पुलिस ने शक के आधार पर गौरा नगर कालोनी निवासी अनुज के दोस्तों लखन और लोकेश को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद रविवार दोपहर दोनों युवक कहानी बनाते हुए अलग-अलग पुलिस को पहले पानीगांव पुल पर ले गए। 

जहां उन लोगों ने बताया कि उन्होंने यहां 10 दिसंबर की शाम अनुज के साथ शराब के ठेके पर शराब पी थी। इसके बाद बाइक लेकर पुल पर आए, यहां अनुज ने बाइक रुकवाई और पुल की रेलिंग पर खड़ा हुआ ही था कि यमुना में गिर गया। 

दोनों के बयान एक होने पर पुलिस ने यमुना किनारे खादरों में शव की खोजबीन की, लेकिन तीन घंटे की तलाश के बाद भी शव नहीं मिला। इस पर पुलिस को दोनों युवकों पर शक हुआ और उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई। 

10 दिसंबर को ही कर दी थी हत्या

मृतक अनुज का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जिसके बाद अनुज की हत्या का राज खुल गया। युवकों ने बताया कि उन्होंने 10 दिसंबर की शाम ही अनुज को मार डाला था। युवकों के बताए अनुसार पुलिस ने लखन के खेत के पास पानी से भरे गड्ढे से बोरे में बंद बंधा हुआ अनुज का शव बरामद कर लिया।

छह दिन से पानी में पड़ा शव गल चुका था। लखन के अनुसार लोकेश ने अनुज के सिर में दो गोलियां मारी थीं। इसके बाद कपड़े उतारकर शव को बोरे में ईंटों के साथ बांधकर भरा और पानी से भरे गड्ढे में डाल दिया था। पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या की धाराओं में तरमीम कर लिया है। 

एक महीने पहले खरीदा था तमंचा

सीओ सदर रमेश कुमार ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। यह तमंचा हत्या से एक माह पूर्व खरीदा गया था। अनुज की हत्या के मामले में जांच कर रही पुलिस को लाखन, लोकेश के अलावा इस मामले में तीसरे व्यक्ति के शामिल होने का भी शक है। 
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आठ सेकेंड की कॉल ने खोल दिया हत्या करा राज

अनुज के पिता पुरुषोत्तम ने पुलिस के सामने बेटे के दो दोस्तों पर शक जाहिर किया था। 10 दिसंबर की शाम दोनों आरोपियों द्वारा अनुज को घर से बुलाने के लिए की गई आठ सेकेंड की कॉल करना ही उनके पकड़े जाने का कारण बना। इस काल के बाद ही उन्होंने मोबाइल बंद कर दिया था।  

जिस सिम से फोन किया गया, वह वृंदावन के समीपवर्ती गांव नारायणपुर के युवक के गुम मोबाइल की थी। इससे पूर्व उनके मोबाइल की लोकेशन लगातार पानीघाट और गौरा नगर कालोनी में मिली। पुलिस इसी के सहारे आरोपियों तक पहुंची। 

आरोपियों ने कबूला है कि 10 दिसंबर को हत्या से पहले उन्होंने अनुज के साथ पानी घाट स्थित लखन के खेत पर बनी झोपड़ी में शराब पी थी। वहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या के बाद अनुज के मोबाइल को दोनों ने वृंदावन छटीकरा के बाद चलने वाले टेंपो में डाल दिया।
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