कासगंज। सावन के साथ ही क्षेत्र में कांवड़ियों की आवाजाही में एकदम से इजाफा हुआ है। पूरे श्रावण मास श्रद्धालुओं की यहां भीड़ रहेगी। ऐसे में खान-पान के किसी सामान में मिलावट की गई या अधोमानक खाद्य पदार्थ बेचा गया तो दुकानदार की खैर नहीं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) कांवड़ियों के खान-पान में सफाई और गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए सक्रिय हो गया है। इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। होटलों, ढाबों, रेस्ताराओं पर क्यू-आर कोड चस्पा किए जा रहे हैं। इसे फूड सेफ्टी कनेक्ट एप से जोड़ा गया है। जिस पर मिलावट की शिकायत की जा सकेगी। शिकायत मिलते ही एफएसडीए की टीम पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
कांवड मेला शुरू होते ही क्षेत्र में खान-पान की दुकानों पर भीड़ का दबाव बढ़ने लगता है। ऐसे में कई बार दुकानदार अधोमानक खाद्य सामग्री बेचना शुरू कर देते हैं। जिससे कई बार श्रद्धालुओं की सेहत बिगड़ जाती है। अब दुकानों पर यह भी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा कि परोसे जा रहे भोजन में प्याज और लहसुन का प्रयोग हुआ है या नहीं। इसके साथ ही,कांवड़ यात्रा से पहले सभी होटल और ढाबों पर रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। लिहाजा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की ओर से दुकानों पर एक प्रपत्र लगाया जा रहा है। इस प्रपत्र पर लाइसेंस नंबर, दुकान का नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी (यदि उपलब्ध हो तो) भी दर्ज होगी। इस प्रपत्र पर एक टोल-फ्री नंबर और फूड सेफ्टी कनेक्ट एप का क्यूआर कोड भी दिया जा रहा है। क्यू- आर कोड को स्कैन करते ही ग्राहक को दुकान और दुकानदार से संबंधित पूरी जानकारी मिल जाएगी, इससे ग्राहक आसानी से अपना फीडबैक भी साझा कर सकेंगे।
इस तरह काम करेगा एप
ग्राहक को एप पर यह बताना होगा कि उन्होंने किस दुकान पर क्या खाया और किस तरह की मिलावट की आशंका है। यह फीडबैक एप पर अपलोड होगा, विभाग की टीम के पास तुरंत एक संदेश पहुंच जाएगा। कंट्रोल रूम से उस इलाके में मौजूद खाद्य निरीक्षक को इसकी सूचना दी जाएगी, वह संबंधित खाद्य पदार्थ की तुरंत जांच करेगा। यदि प्राथमिक जांच में ही मिलावट का संदेह सही पाया जाता है, तो खाद्य पदार्थ को मौके पर ही नष्ट कराया जाएगा।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य सामग्री वाले दुकानदारों को लाइसेंस, पंजीकरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। दुकानों के बाहर क्यू आर कोड चिपकाया जा रहा है। श्रद्धालु दुकानदार का पूरा विवरण जान सकेंगे। कावंड यात्रा तक प्याज लहसुन का प्रयोग प्रतिबंधित किया गया है।
आनंद देव, सहायक आयुक्त, एफएसडीए