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सावधान! अब योग भी सिखा रहे हैं झोलाछाप, बढ़ गई कमर दर्द व घुटनों में तकलीफ

Mon, 11 Nov 2019 01:40 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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योग दिवस का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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तन-मन को स्वस्थ रखने के लिए योग सबसे बेहतरीन जरिया है। तभी तो आजकल हर कोई योग का दीवाना हुआ जा रहा है। नेता से लेकर अभिनेता हर कोई योग से फायदे गिनाते नजर आते हैं।
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योग और प्राणायाम के अपने कुछ कायदे हैं। उनके कुछ निश्चित तरीके और अनुशासन हैं। ऐसे में अगर इनका पालन न किया तो ये नुकसानदायक भी साबित होते हैं। शहर में जिस तरफ नजर दौड़ाए सुबह हर पार्क में योग की कक्षाएं सजी दिखतीं हैं। यहां कुछ लोग योग गुरु बन कर बैठ गए हैं।

इनके पास न तो कोई मान्यता प्राप्त डिप्लोमा है और न ही कोई डिग्री। चंद दिनों में निशुल्क प्रशिक्षण के चलते इनके पास लोगों की भीड़ जुटने लगती है। योग के नाम पर ये लोगों को व्यायाम करा रहे हैं।
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गलत योगाभ्यास करने से लोगों को कमर, गर्दन, कंधों में दर्द, ब्लड प्रेशर के अलावा तमाम परेशानी हो रहीं हैं। गलत योग से किडनी और शरीर के अन्य अंगों पर भी बुरा असर पड़ने की संभावना रहती है। 

पालीवाल पार्क - फोटो : अमर उजाला
शहर में करीब 25 बड़े पार्कों में नियमित रूप से योग की कक्षाएं लगती हैं। जिनमें सुभाष पार्क, सूर वाटिका, पालीवाल पार्क, शहीद नगर, कमलानगर, विजय नगर पार्क, आवास विकास कॉलोनी पार्क  आदि शामिल हैं। इनमें से कुछ ही स्थानों प्रशिक्षित और डिप्लोमा धारक योग प्रशिक्षक हैं। बाकी जगह सिर्फ लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। 

योग गुरु डॉ. राजकुमार शर्मा ने बताया कि गलत योगाभ्यास का असर लोगों में उम्र के हिसाब से नजर आता है। युवाओं में दो से तीन साल बाद इसके लक्षण दिखते हैं। वहीं 35 से 40 की उम्र में छह महीने में लक्षण उभरने लगते हैं। 60 साल की उम्र के बाद एक हफ्ते तक गलत योगाभ्यास करने से ही दिक्कत होने लगती है।

आयुष योग वेलनेस केंद्र आगरा के योग प्रशिक्षक डॉ. केपी सिंह बताते हैं कि पार्कों या सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाली कक्षाओं में योगा कम व्यायाम ज्यादा कराया जाता है।

किसी व्यक्ति को अगर स्लिप डिस्क की समस्या है तो गलत योगाभ्यास करने से वह दो या तीन दिन में ही बेड रेस्ट पर पहुंच जाता है। योग करने से पहले उससे क्या फायदा होगा ये जानने के साथ उससे क्या नुकसान होगा ये जरूर पता कर लें। प्रशासनिक स्तर पर फर्जी योग गुरुओं के खिलाफ कार्रवाई को टीम गठित होनी चाहिए। 

केस 1
56 वर्षीय राकेश अस्थाना फैटी लीवर की समस्या से परेशान थे। पार्कमें योग करने पहुंच गए। एक महीने तक गलत योगाभ्यास करने की वजह से इनके लीवर पर सूजन बढ़ गई। पेट में दर्द की शिकायत रहने लगी। तीन महीने में सही डाइट और योग के जरिए लाभ मिला।

केस 2
आवास विकास निवासी 60 वर्षीय सावित्री देवी के घुटनों में दर्द रहता था। उन्होंने किसी की सलाह पर पास के एक पार्क में जाकर सुबह योग करना शुरू कर दिया। आठ दिन में घुटनों में दर्द इतना बढ़ गया कि चिकित्सक केपास जाना पड़ा। उन्हें पार्कमें जंपिंग मूवमेंट करा दिया था। दवाइयों और एक्सपर्ट द्वारा कराए गए प्राणायाम से राहत मिली।

केस 3
18 वर्षीय सागर डिप्रेशन की समस्या से ग्रसित था। माता-पिता की सलाह पर योगा क्लास जाने लगा। कठिन व्यायाम कराने से कुछ ही दिनों में उसके शरीर में दर्द बढ़ गया। इससे उसकी डिप्रेशन की डोज बढ़ गई। एक्सपर्ट को दिखाने पर उन्होंने उसे प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। दो माह में उसकी हालत में सुधार हो सका।
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इन बातों का रखें ध्यान
योग टीचर के पास कम से कम पीजी डिप्लोमा इन योग का सर्टिफिकेट जरूर हो।  
अपने रोग या चोट से संबंधित जानकारी योग टीचर को जरूर दें। 
ज्यादा उत्साह में आकर किसी मुद्रा को जबरदस्ती करने की कोशिश न करें।
क्लास शुरू होने से दो या तीन घंटे पहले तक कुछ न खाएं। 
गर्भवती महिलाएं एक्सपर्ट की देखरेख में ही अभ्यास करें। 
वजट घटाने के लिए शुरुआत में ऐसे आसनों से बचें जिससे थकान पैदा हो। 
अपनी उम्र को ध्यान में रखकर योग करें। 
योग के नाम पर उछल कूद करने वाले व्यायामों से बचें। 
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