नव वर्ष 2024 में रसूलपुर थाने की नई बिल्डिंग में साइबर थाना बनेगा। इसके साथ जिले के सभी थाने में साइबर सेल का गठन किया जाएगा। महिलाओं के बढ़ते अपराध को कम करने के लिए सभी थानों में नई जागृति हेल्प डेस्क स्थापित होंगी।
फिरोजाबाद में पिछले दो सालों में अपराध के आंकड़े तो हर साल कम हो रहे हैं, लेकिन साइबर अपराध अब पुलिस के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है। साइबर अपराध को कम करने के लिए फिरोजाबाद पुलिस वर्ष 2024 में स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर देगी। आने वाले नए साल में फिरोजाबाद जिले को साइबर थाने की सौगात मिलेगी। रसूलपुर थाने की नई बिल्डिंग में साइबर थाना बनेगा। इसके साथ जिले के सभी थाने में साइबर सेल का गठन किया जाएगा। महिलाओं के बढ़ते अपराध को कम करने के लिए सभी थानों में नई जागृति हेल्प डेस्क स्थापित होंगी। महिला सिपाही व दरोगा को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को दूर दराज थाने व चौकी के चक्कर न लगाने पड़े इसके लिए इस वर्ष टूंडला, रजावली, पचोखरा थाना क्षेत्र में में नई पुलिस चौकी भी खुलेगी।
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शासन की ओर से मंजूरी
1- पीड़ित को समय पर मदद मुहैया कराने वाले यूपी 112 को भी आने वाले साल में नए वाहन मिलेंगे। वर्ष 2016 में जिले को बोलेरो के रूप में यूपी 112 के वाहन उपलब्ध हुए थे। थे। 8 साल बाद एक बार फिर यूपी 112 को नए दो पहिया व चार पहिया वाहन मिलने को लेकर शासन की ओर से मंजूरी दी गई है।
2- ऑनलाइन होने वाले साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस ने खास रणनीति तैयार की है। साइबर सेल की अलग से पुलिस की टीम तैयार की है। यह टीम प्रशिक्षण लेकर फ्राड करने वाले लोगों से निपटेगी। इसमें सबसे पहले नया साइबर थाना बनाया जा रहा है। रसूलपुर थाने की नई बिल्डिंग में थाना बनाने के लिये जगह भी चिन्हित की जा चुकी है।
3- ग्रामीण इलाकों के लोग अपनी समस्या को लेकर थाने नहीं जा पाते थे। इन लोगों को पुलिस की मदद आसानी से मिल सके, इसके लिए टूंडला, रजावली, पचोखरा थाना क्षेत्र में एक-एक नई पुलिस चौकी की स्थापना की जाएगी।
4- एडीजी आगरा जोन का अभियान ऑपरेशन जागृति वर्ष 2023 से एक नई मुहिम के साथ जारी है। अभियान वर्ष 2024 में सभी थानों में जागृति हेल्प डेस्क अलग से बनाई जाएगी। महिला कांस्टेबल के साथ दरोगा को अलग से जिम्मेदारी दी जाएगी। उनकी समस्या का निस्तारण जल्द से जल्द करना प्राथमिकता होगी।
5- थाना दक्षिण की नई बिल्डिंग को बनाने का काम शुरू किया जाएगा। यह बिल्डिंग बहुमंजिला बनेगी। इसके बाद थाना उत्तर की बिल्डिंग बनाने का काम प्रारंभ होगा। यह थाने हाईटेक होंगे। इन थानों में फरियादियों को आने में फील गुड महसूस होगा।
ये बोले अधिकारी
एसएसपी फिरोजाबाद आशीष तिवारी ने बताया कि फिरोजाबाद पुलिस को पूरी तरह से स्मार्ट बनाया जा रहा है। साइबर अपराध को कम करने के लिए अलग से साइबर थाना बनाया जा रहा है। हर गली, चौराहों पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी, अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने, शिकायतों का समय से निस्तारण करने पर जोर है। एसपी सिटी सर्वेश मिश्र ने बताया कि जिले के बीट सिस्टम को प्रभावी बनाया गया है। इसके साथ ही बीट के डेंजर जोन, टॉप टेन बदमाश उनकी आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही अपराध को कम करने के लिए आम लोगों की जागरुकता पर खास ध्यान दिया जा रहा है। एसपी ग्रामीण कुंवर रणविजय सिंह ने बताया कि पिछले सालों में अपराध का ग्राफ जिले में कम हुआ है। शिकायतों का निस्तारण जांच के साथ समय व गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। हमारा प्रयास यह है कि पुलिस की विजीबिलटी बढ़े। खासकर ऐसे इलाकों में जहां पर घटनाएं लगातार हो रही है।
वर्ष 2023 में पुलिस की उपलब्धियां
1- फिरोजाबाद जिले में स्मार्ट पुलिसिंग की शुरूआत की गई है। पुलिस कंपलेन ऑन ब्लाक चेन पोर्टल के माध्यम से आमजन की शिकायतें ऑनलाइन ही दर्ज हो रही है। सभी थानों व जिले के प्रमुख चौराहों पर क्यू आर कोड भी चस्पा किए गए हैं। फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश में पहला शहर हैं जहां इस तरह का हाईटेक प्रयोग किया गया है।
2- जिले में अरांव व रजावली दो नए थाने शुरू किए गए। इन थानों को शुरू करने की कवायद पिछले पांच साल से की जा रही थी। लेकिन वह पुलिस की लचर प्रणाली से शुरू नहीं हो सके थे। एसएसपी आशीष तिवारी ने जिले में आने के बाद सबसे पहले यह थाने शुरू कराए।
3- रसूलपुर थाने का प्रशासनिक भवन बनाया गया। बहुमंजिला प्रशासनिक भवन में पुलिस को कई सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। जिले में इसके पहले पुलिस का प्रशासनिक भवन नहीं था। इस भवन में पुराने रिकॉर्ड भी सहेजे जा रहे हैं।
4- फिरोजाबाद पुलिस द्वारा ग्रीन गैंग हर गांव वार बनाया गया है। इस गैंग में महिलाएं ही शामिल हैं। यह महिलाएं गांव को पूरी तरह शराब व जुंआ मुक्त बनाने के लिए अभियान छेड़ती है। यदि कोई परेशान करता है तो पूरा गैंग उसके विरोध में उतरता है।
5- प्रदेश स्तर पर चलाए गए ऑपरेशन कन्विक्शन जिसमें अपराधियों को 30 दिनों के अंदर सजा दिलाने का प्रावधान है। ऑपरेशन तिनेत्र व आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश के 75 जिलों में पूरे वर्ष हर माह पहला या फिर टॉप टेन में जिले का स्थान मिला है।