यमुनापार में जलसंकट दूर करने के लिए 33 करोड़ की लागत से तैयार प्रोजेक्ट अंतिम पड़ाव पर है। 16 में से 12 ट्यूबवेल लगकर तैयार हो गए हैं। पानी स्टोर करने के लिए विशाल टैंक के साथ मोटर हाउस भी लगभग बन चुका है। टैंक से टंकी तक डाली गई पाइप लाइन की टेस्टिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि यमुनापार इलाके में एक बाल्टी पानी के लिए खून तक बह चुका है। ऐसे हालात फिर न हों इसके लिए इसी साल की शुरुआत में शासन स्तर से प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। यमुना में पानी की कमी को देखते हुए जलनिगम ने टेढ़ी बगिया के पास स्थित नाऊ की सराय और इसके आसपास बड़े-बड़े 12 ट्यूबवेल लगाए गए हैं। चार ट्यूबवेल और लगाने की तैयारी की जा रही है। नाऊ की सराय में ही ट्यूबवेलों के पानी को जमा करने के लिए विशाल टैंक बनाया गया है। इससे कालिंदी विहार और नरायच स्थित पानी की टंकियों को सप्लाई दी जाएगी। टंकियों को टैंक से जोड़ने के लिए पाइप लाइन डालने का काम पूरा हो गया है। इन ट्यूबवेलों से 9.2 एमएलडी पानी उपलब्ध हो सकेगा। इसमें से 4.51 नरायच और इतना ही कालिंदी विहार टंकी को दिया जाएगा। जलनिगम के अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर तक यमुनापार में जलापूर्ति कर दी जाएगी।
चार ट्यूबवेल का काम अटका
प्रस्ताव के तहत 16 ट्यूबवेल लगने हैं। इसमें से एक ट्यूबवेल तकनीकी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। 12 ट्यूबवेल लग चुके हैं। बाकी तीन ट्यूबवेल नंदलालपुर में लगने थे लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध कर दिया है, जिसके चलते यहां ट्यूबवेल लगाने का काम रोक दिया गया था। अब इनके लिए दूसरा स्थान देखा जा रहा है।