आगरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी किनारे क्षेत्रों में बाढ़ जैसी किसी की स्थिति से निपटने के प्रशासन चाैकन्ना हो गया है। बाढ़ चाैकियां बनाने, राहत शिविर चिह्नित करने आदि तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
यमुना नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन चौकन्ना हो गया है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले 1600 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविर चिह्नित कर दिए गए हैं। एसडीएम बिक्रम राघव ने बताया कि यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। सदर तहसील में नौ बाढ़ राहत चौकियां, छह बाढ़ राहत शिविर, 10 गोताखोर और 10 नाव व नाविकों की व्यवस्था की गई है। राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों, ग्राम पंचायत सचिवों और पुलिस अधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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कैलाश मंदिर, नगला फीतर सिंह आदि क्षेत्रों के करीब 200 परिवारों को जरूरत पड़ने पर श्रीरामचंद्र इंटर कॉलेज, बाईंपुर में ठहराया जाएगा। मऊ, गैलाना आदि क्षेत्रों के करीब 200 परिवारों के लिए जिम कार्टेट इंटर कॉलेज, गैलाना में व्यवस्था की गई है। पोइया घाट, दयालबाग, सिकंदरपुर, खासपुर और जगनपुर के करीब 200 परिवारों को राधा बल्लभ इंटर कॉलेज, अमर विहार में रखा जाएगा।
बल्केश्वर घाट से जुड़े घटवासन, ठीपुरी, जगनपुर, मनोहरपुर, खासपुर, कृष्णा बाग कॉलोनी, जीवनी मंडी, राधानगर, लोहियानगर, जसवंत की छतरी, ठीपरी और न्यू आदर्श नगर आदि क्षेत्रों के प्रभावित परिवारों के लिए आईटीआई बल्केश्वर और संत रामकृष्ण महिला महाविद्यालय को राहत केंद्र बनाया गया है। आगरा फोर्ट क्षेत्र के करमना, हाथीघाट (चक अब्बल) और बसई के करीब 65 परिवारों को महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज, बेलनगंज में ठहराने की व्यवस्था है। नगला तलफी के 35 परिवारों के लिए प्राथमिक विद्यालय को चिह्नित किया गया है।
कुंडौल और अकोला क्षेत्र भी संवेदनशील
कुंडौल क्षेत्र के तनौरानूरपुर, सुल्तानपुर, बुर्ज, मेहरा, नाहरगंज, ठार रामपुर, नगला बूढ़ी, ठार शामले, कुई कुमरगढ़, सत आश्रम, पंजाब नगर, बरौली गूजर और नगला आम नदौता सहित कई गांवों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है। समोगर, महल, बादशाही गढ़ी और महावन क्षेत्र के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। अकोला क्षेत्र में भी राजस्व टीमों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। एसडीएम सदर ने बताया कि प्रशासन की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।