यमुना के डूब क्षेत्र का निर्धारण होने के बाद प्रशासन डूब क्षेत्र में कब्जों को चिह्नांकन करके कब्जे हटाने की कार्रवाई करेगा। सिकंदरा के सींगना में यमुना किनारे बड़े भू भाग में किसानों ने डूब क्षेत्र में खेती कर रखी है। इस जमीन की राजस्व विभाग की टीम ने नापजोख की। इसी तरह की कार्रवाई यमुना के डूब क्षेत्र में अन्य स्थानों पर की जाएगी।
एनजीटी के आदेश के बाद यमुना का डूब क्षेत्र निर्धारित कर दिया गया है। सिंचाई विभाग को डूब क्षेत्र में मुड्डियां लगाकर सीमा तय करनी है। यमुना किनारे के डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कब्जे कर लिए गए हैं। दयालबाग में भी कुछ माह पहले सिंचाई विभाग ने मुड्डियां लगवाई थीं। पुरानी मुड्डियां गायब हो चुकी हैं। अब नए सिरे से डूब क्षेत्र के निर्धारण के बाद कब्जों को हटाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
इसी कड़ी में रविवार को तहसील की राजस्व टीम सिकंदरा थाने से पुलिस बल लेकर किसानों की जमीनों की नापजोख के लिए पहुंची। इस पर काफी संख्या में किसान इकट्ठे हो गए। इसके देखते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में कुछ जमीन की नापजोख कराई जा सकी।
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांव में किसान काफी समय से डूब क्षेत्र की जमीन पर कब्जा करके खेती कर रहे हैं। चिह्नांकन के बाद डूब क्षेत्र से कब्जे हटाए जाएंगे। वहीं कई किसानों ने दावा किया कि वह कई पीढ़ियों से खेती कर रहे हैं।