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तर्पण तो दूर छूने लायक भी नहीं यमुना का जल

Sun, 27 Sep 2015 02:07 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
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इससे बड़ी विडंबना क्या होगी, रविवार से पितृपक्ष शुरू हो रहा है और खबर आई कि यमुना नदी का जल तर्पण तो दूर स्पर्श के लायक भी नहीं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) द्वारा पिछले महीने की गई जांच में यह खुलासा हुआ है। यह हाल तब के हैं, जब पिछले महीने बारिश के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ा हुआ था। जब ये नमूने लिए गए, जब यमुना का जलस्तर 492 फुट के आस-पास था। इन दिनों यमुना अपने निम्नतम स्तर पर है। शनिवार को जलस्तर 482.7 फुट था।
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यूपीपीसीबी समय-समय पर यमुना जल की जांच करता है। गत पांच अगस्त को जीवनी मंडी स्थित वाटर वर्क्स के पास से लिए गए पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 11.5 मिग्रा/ली. पाई गई। यह 10 मिग्रा/ली. से अधिक नहीं होनी चाहिए। ताज के पास लिए गए नमूने के रिजल्ट तो और चौंकाने वाले थे। यहां बीओडी लगभग दोगुना (19 मिग्रा/ली.) पाई गई। बटेश्वर में बीओडी 13.5 मिग्रा/ली. थी। 28 अगस्त को ताजमहल के पास पानी में ऑक्सीजन डिमांड (डीओ) 3.8 मिग्रा/ली. ही थी। यह 4 मिग्रा/ली. से कम हो तो जलीय जीव-जंतुओं का जीवन खतरे में पड़ जाता है। इस स्थिति के लिए जिम्मेदार नदी में लगातार गिर रहा केमिकल मिला पानी है।
वृंदावन में दशा बेहतर
यूपीपीसीबी ने पिछले दिनों वर्ष 2014 की जांचों के आधार पर विभिन्न नदियों के पानी की स्थिति को लेकर रिपोर्ट जारी की थी। इसमें वृंदावन के केसी घाट पर डीओ 4.1 मिग्रा/ली. और बीओडी 9.22 मिग्रा/ली. था। वहीं, इलाहाबाद में यमुना में डीओ 8.1 मिग्रा/ली. और बीओडी 2.33 मिग्रा/ली. था। ये मानकों के अनुरूप थे।
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