फतेहाबाद/बाह। बारिश के चलते यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा था। शनिवार को ओखला एवं ताजेवाला बैराज से छोड़े गये पानी के सोमवार तक फतेहाबाद और बाह पहुंचने का अनुमान है। इससे यमुना किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सदर तहसील क्षेत्र के समोगर, तनौरा, नूरपुर, मेहरा नाहरगंज, विसारना और बुर्ज सहित फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के नरि, कांकर, अई, धारापुरा, चर्रपुरा सिलावली, रिहावली, धनौला खुर्द,और स्वारा आदि गांव यमुना नदी के किनारे बसे हैं। इन गांवों के किसानों ने बताया कि खेतों में बाजरा की फसल खड़ी है। यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई, तो पानी खेतों में पहुंचने से बाजरा की फसल बर्बाद हो जाएगी। इधर, बाह के 38 गांवों के लोगों ने यमुना नदी पर अपनी निगाहें टिका दी हैं। चरीथा, पुरा बीरवल, कमतरी, बिक्रमपुर कछार, सुंसार, बड़वाया, कोट का पुरा, रामपुर चन्द्रसेनी, गगनकी, कल्यानपुर, भरतार आदि गांवों के किसान कछार की फसल के नष्ट होने के अंदेशे से चिंतित हो उठे हैं। किसानों पुत्तूलाल, जगवीर सिंह, ब्रजवीर सिंह ने बताया कि यदि आने वाले पानी की मात्रा अधिक रही तो कछार में बाजरा और तिल की फसलें प्रभावित होने का खतरा रहेगा। एसडीएम बाह विनोद कुमार ने बताया यमुना नदी अपने पेटे में है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर बाढ़ चौकियों का गठन किया जाएगा। प्रशासन हर स्थिति से निपटने को तैयार है।