यमुना के उद्धार के नाम पर महज दावे और वादे किए जा रहे हैं। दो दशकों में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी यमुना मैली है। सफाई का मुद्दा उठते ही जिम्मेदार नेता ज्ञापन देने, कार्रवाई करने का आश्वासन देते हैं या एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं। नदी की बदहाली का सुबूत एनजीटी की रिपोर्ट है कि कोई जमीनी काम नहीं किया गया है। यदि जिम्मेदार हफ्ते में एक दिन भी सफाई शुरू कर दें तो हालत सुधर सकती है।
मथुरा में गोकुल बैराज के गेट खोले जाने से यमुना नदी के जल में आई गिरावट से शहरी क्षेत्र में घाटों पर दिखाई दे रही गंदगी पर मथुरा-वृंदावन नगर निगम के आयुक्त अनुनय झा ने नाराजगी जताई है। नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से गंदगी उठाने के निर्देश जारी किए हैं।
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बुधवार को गोकुल बैराज के गेटों की मरम्मत के चलते सिंचाई विभाग ने फाटक खोल दिए। इसके कारण मथुरा में जल में गिरावट आने से यमुना के विश्रामघाट से लेकर ध्रुव घाट तक यमुना की स्थिति काफी दयनीय हो गई। घाट पर बनी चार सीढ़ियों से पानी नीचे उतर जाने से गंदगी देख लोग आक्रोशित हो उठे।
नगर आयुक्त ने फिलहाल घाटों के ऊपर से कूड़ा हटवाने के आदेश जारी किए हैं। उनका कहना है कि कुछ दिनों पश्चात निगम की पोकलेन मशीन ठीक होकर आ जाने के बाद घाटों पर जमी सिल्ट को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर उठाने की कार्य योजना पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हर कीमत पर यमुना को शुद्ध रखकर श्रद्धालुओं को आसानी से आचमन मिल सके।
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यमुना में गिर रहा कोसी ड्रेन
पतित पावनी यमुना एक बार फिर गंदे नाले के स्वरूप में बदल गई है। भगवान श्रीराधाकृष्ण की लीला स्थली वृंदावन में अनेक नाले सीधे यमुना में समाहित हो रहे हैं। इसमें औद्योगिक कचरा लेकर आने वाली कोसी ड्रेन भी शामिल है। इस ओर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है। वृंदावन में कई नाले सीधे यमुना में समाहित हो रहे हैं। खासकर जुगलघाट और प्राचीन कालीदहघाट का सबसे बुरा हाल है। इसमें कोसी ड्रेन भी सीधे यमुना में गिर रही है, जो यमुना को विषैला कर रही है। संवाद
दो वर्षों में मथुरा में यमुना के प्रदूषण की स्थिति
वर्ष 2020 2021
तत्व केसी घाट विश्राम घाट केसी घाट विश्राम घाट
डीओ 6.3 5.2 7.3 7.4
बीओडी 8.4 11.6 9.2 9.2
टोटल कॉलीफॉर् 75000 93000 49000 78000
फीकल कॉलीफार्म 44000 58000 31000 49000
दर्ज कराई थी रिपोर्ट
आगरा के मेयर नवीन जैन ने कहा कि नालों के जरिए सीवेज यमुना नदी में जा रहा है, वहीं वबाग के कर्मचारी भी सीवेज को टैंकरों को नालों में छोड़ रहे हैं, जिसे हमने बल्केश्वर में पकड़ कर पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। वबाग के काम की समीक्षा करेंगे और लखनऊ शिकायत की जाएगी।
लखनऊ में उठाऊंगा मामला
आगरा दक्षिण क्षेत्र के विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ये बेहद चिंताजनक स्थिति है। वबाग को जिम्मेदारी संभाले डेढ़ साल हो गया, तब सीवर ट्रीटमेंट को लेकर यह भयावह आंकड़े हैं। इस मामले को लखनऊ में उठाऊंगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कराऊंगा।
कंपनी के काम की होगी समीक्षा
एत्मादपुर विधायक राम प्रताप चौहान ने कहा कि वबाग के काम में लापरवाही दिख रही है। शासन से मांग करेंगे कि सख्ती के साथ एसटीपी संचालन पर निगाह रखी जाए। कंपनी के काम की समीक्षा कराई जाएगी कि सीवर यमुना में क्यों पहुंच रहा है।
एसटीपी संचालन में लापरवाही
आगरा उत्तर क्षेत्र के विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि एसटीपी संचालन में घोर लापरवाही बरती जा रही है। पंपिंग स्टेशन बंद हैं। नालों का पानी सीधे यमुना में गिर रहा है। नदी जीवनदायिनी है, उसे प्रदूषित करने पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।
लगातार उठा रहे हैं मामला
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अरिदमन सिंह ने कहा कि अब तक तमाम उपाय और दस हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी यमुना मैली है। हम पहले भी यमुना में प्रदूषण का मसला उठा चुके हैं। अब दोबारा नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर दो दशकों में यमुना की सफाई के नाम पर खर्च किए गए कार्यों का ऑडिट कराने की मांग की है।