आगरा में लो फ्लड लेवल 495 को छूने के बाद यमुना नदी की लहरें लोगों को डराने लगी हैं। शनिवार दोपहर बाद ही जलस्तर में इजाफा होने पर ताजगंज मोक्षधाम में पानी भर गया, वहीं कैलाश मंदिर के एकदम किनारे तक पानी आ गया। यही हाल बल्केश्वर का है, जहां पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया। इससे दयालबाग, लोहिया नगर, तनिष्क राजश्री, अमर विहार, हाथीघाट, मोतीगंज के लोगों में दहशत है।
शहर से लेकर देहात तक यमुना किनारे रहने वालों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। शनिवार शाम को एत्माददौला स्मारक की दीवार को यमुना छू गई। यहां संगमरमर की बनी मछली पानी में डूब गई, जो बाढ़ का चेतावनी स्तर मानी जाती है। ताजमहल के पीछे बने गार्डन में भी पानी प्रवेश कर गया। एक फुट तक जलस्तर और बढ़ा तो यह ताज की दीवार को छूने लगेगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व यशवर्धन श्रीवास्तव के मुताबिक जलस्तर बढ़ रहा है। रविवार की शाम तक इसके बढ़ने की आशंका है।
मोक्षधाम में ऊपर होने लगे दाह संस्कार
ताजगंज मोक्षधाम में शनिवार की दोपहर पहला प्लेटफार्म पानी में डूब गया। यहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बंद कर ऊपर शुरू कर दी गई है। जहां पानी भरा है, वहां एडीए ने प्रदूषण मुक्ति के लिए चिमनियां लगवाई थीं। इससे ऊपर के दूसरे नंबर के प्लेटफार्म पर दोपहर बाद दाह संस्कार कराए गए। श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी और मोक्षधाम के व्यवस्थापक पहलवान सिंह ने बताया कि पानी अभी पहले प्लेटफार्म पर आया है। अभी दूसरे और तीसरे प्लेटफार्म पर संस्कार कराए जा रहे हैं। साल 2010 की बाढ़ में तीनों प्लेटफार्म पानी में डूब गए थे। जलस्तर और बढ़ा तो वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे। ताजगंज मोक्षधाम में लगी चिमनी की मोटरों को पानी से बचाने के लिए एडीए कर्मचारियों और ठेकेदार के कर्मचारियों ने खोलकर सुरक्षित जगह पर रख दिया।
पार्षदों को नाले उल्टे बहने की सताई चिंता
उपसभापति और पीपलमंडी के पार्षद रवि बिहारी माथुर ने मोतीगंज के पार्षद राकेश जैन के साथ जीवनी मंडी वाटरवर्क्स, हाथीघाट और मंटोला नाले के पास यमुना नदी का जायजा लिया। उन्होंने मंटोला नाले और महावीर नालाें का प्रवाह रुकने और यमुना का पानी बढ़ने पर उल्टे बहने पर चिंता जताई। रवि माथुर ने कहा कि दोनों नालों के बैक मारने से इनके किनारे रहने वाले लाखों लोग प्रभावित हो सकते हैं। पानी की लाइनें नालों में डूब गई हैं, जिससे गंदे पानी की समस्या भी आ सकती है।
खेत डूबे, गांवों के नजदीक पहुंचा पानी
हथिनी कुंड और गोकुल बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से यमुना नदी में शनिवार को भी उफान जारी रहा। बटेश्वर के घाट पर यमुना का पानी कछार की फसल को रौंदकर तलहटी के गांवों के नजदीक पहुंच गया। बुढै़रा, बटेश्वर, कलियानपुर, भरतार, विक्रमपुर घाट, कछार, चौरंगाबीहड़, कमतरी, कछपुरा, गुढि़याना, चरीथा, पारना, नगला सुरई, नौगवां, पई, खिलावली, कचौरा घाट आदि गांवों के कछार की खेती पानी में डूब गई है। ग्रामीण फसलों की तबाही को भूलकर ऊंचाई वाले इलाकों में जाने को सामान समेटने लगे हैं। शनिवार को एसडीएम कृष्णनंद तिवारी, नायब तहसीलदार गौरव अग्रवाल ने बड़वाया और बटेश्वर आदि का दौरा कर लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी है। लेखपालों को 24 घंटे गांव में रुकने के निर्देश दिए हैं।