कोहरे के कारण हादसों की ये कहानी नई नहीं है
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यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण हादसों की ये कहानी नई नहीं है। हर साल आधा सैकड़ा लोगों की जान केवल कोहरे में हुए हादसों के कारण जाती है। इसके बाद भी पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रशासन ने इससे निपटने के इंतजाम नहीं किए हैं।
बता दें कि मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर राया क्षेत्र से लेकर नौहझील तक बीते साल सर्दियों के दिनों में कोहरे के कारण कई भयानक हादसे हुए थे। जिनमें करीब 49 लोगों ने अपनी जान गंवाई। हादसों में कई जिंदगियां जाने के बावजूद भी एक्सप्रेसवे और पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोहरे से बचाव के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया है।
हाई प्रोफाइल रुट वाले इस एक्सप्रेसवे पर मार्कर और रिफलेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। लोग राम भरोसे ही सफर कर रहे हैं। अब जबकि सर्दियां शुरू हो गई हैं और सुबह के समय हल्का कोहरा भी पड़ने लगा है। फिर भी प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंगी और बुधवार को पहले कोहरे में ही बड़ा हादसा हो गया।