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अधूरे एक्सप्रेस वे पर परेशानियों का सफर

Sat, 24 Dec 2016 01:23 AM IST
अधूरे एक्सप्रेस वे पर परेशानियों का सफर
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अधूरे एक्सप्रेस वे पर परेशानियों का सफर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की औपचारिक शुरुआत तो हो गई लेकिन निर्माण कार्य जारी है। कहीं सड़क पर काम चल रहा है तो कहीं रेलिंग तक नहीं है। संकेतक  भी नहीं लग पाए हैं। नतीजा सुहाने सफर की उम्मीद में एक्सप्रेस वे पर आए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रास्ता भटक जाने से कई का अनुभव तो बेहद की कष्टदायी रहा।
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आगरा एंड पर इनर रिंग रोड के लिंक से शुक्रवार शाम तक अवरोधक नहीं हटाए गए। फतेहाबाद के पास से जो यात्री एक्सप्रेस पर चढ़ गए उन्हें परेशानी हुई। कहीं से रास्ता न मिलने के कारण उन्हें कई किलोमीटर पीछे जाना पड़ा। बहुत से वाहन चालक गांवों के कच्चे रास्तों पर भटक गए।
आगरा की ओर से करीब 52 किलोमीटर तक के एक्सप्रेस वे का निर्माण पीएनसी इन्फ्राटेक कंपनी कर रही है। पीएनसी के कर्मचारी शुक्रवार को भी डामरीकरण करते रहे। इसी वजह से उन्होंने इनर रिंग रोड के लिंक से अवरोध नहीं हटाए थे। कंपनी के ट्रकों के गुजरने के दौरान कुछ वाहन एक्सप्रेस वे तक पहुंच गए लेकिन आगे बंद होने की वजह से उन्हें कई किलोमीटर तक भटकना पड़ गया। 
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चंडीगढ़ से यशपाल सिंह के परिवार के साथ आईं तीन गाड़ियां एक्सप्रेस वे चढ़ गईं थी। जब आगे रास्ता नहीं मिला तो उन्हें करीब 20 किलोमीटर फतेहाबाद के पास स्थित टोल तक वापस जाना पड़ा। यशपाल सिंह ने बताया कि जहां से वे एक्सप्रेस वे चढ़ रहे थे वहां पुलिस की पिकेट थी लेकिन उन्हें नहीं रोका।
आगरा से गई एक महिला इटावा तक पहुंच गई लेकिन उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। इनर रिंग रोड से एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए बनाई जा रही रिंग भी अभी तक कंप्लीट नहीं हुई है। वहां तैनात कर्मचारियों का कहना था कि डामरीकरण का कार्य शुक्रवार शाम तक पूर्ण हो जाएगा लेकिन रिंग के निर्माण में अभी कम से कम 15 दिन का वक्त और लगेगा। डामरीकरण के बाद सड़क को आवागमन के लिए चालू कर दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने तोड़ डाली फेंसिंग
आगरा।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर डिवाइडर पर फेंसिंग लगाई गई है। कोई व्यक्ति या जानवर एक्सप्रेस वे न चढ़े इसके लिए सर्विस लेन के बाद फेसिंग लगाई जा रही है। नीचे लगाई जा रही तारों की फेंसिंग का काम जारी है लेकिन डिवाइडर पर लगी तारों की फेंसिंग को ग्रामीणाें ने तोड़ दिया है। फेंसिंग तोड़ कर वे सड़क को पार कर रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
डिवाइडर पर नहीं लग पाए लोहे के जाल
फीरोजाबाद। आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस वे पर दतावली से लेकर सिरसागंज मदनपुर तक काम अभी काफी शेष है। सैकड़ों गांवों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस वे पर बीच-बीच में डिवाइडरों पर लोहे का जाल नहीं लगा है। इसे लगाने के लिए डिवाइडर पर गड्ढे खोदे जा रहे हैं। जबकि ट्रैफिक शुरू हो चुका है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। नसीरपुर से भदान तक एक्सप्रेस वे पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है।
अभी तक नहीं जुड़े पुल के सिरे 
फीरोजाबाद। सिरसागंज में भदान के पास दिल्ली-कानपुर मैन रेलवे लाइन के ऊपर से एक्सप्रेस वे निकाला गया है। पुल को हाईड्रोलिक मशीनों से खींचकर ऐक्सप्रेस वे के दो सिरों से जोड़ने की बात 23 दिसंबर से पहले करने की कही गई थी। शुक्रवार तक पुल को जोड़ा नहीं जा सका। नसीरपुर से मैनपुरी सीमा तक जगह-जगह एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर रेलिंग का काम होना बाकी रह गया है। एक्सप्रेसवे पर वाहन तो फर्राटा नहीं भर रहे लेकिन आसपास के गांवों के बच्चे साइकिल जरूर चला रहे हैं।
भारी वाहनों के लिए अभी नो एंट्री
करहल (मैनपुरी)। एक्सप्रेस वे पर कार्य पूरा न होने और पुल का एक ओर का कार्य कुछ दिन पूर्व ही शुरू होने के कारण इस पर अभी केवल दोपहिया व चौपहिया वाहनों को ही चलने की अनुमति दी गई है। भारी वाहनों के लिए नो एंट्री है।  23 दिसंबर को इसे शुरू करने की जल्दबाजी में करहल क्षेत्र के तीनों अधूरे पुल बनाकर तैयार तो कर दिए गए मगर फिनिशिंग बाकी है। वाहन चालकों ने बताया कि सड़क इस क्षेत्र में अभी उतनी अच्छी नहीं है जैसी अन्य इलाकों में चमाचम नजर आ रही है। कई जगहों पर बहुत खराब है। 
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