फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: बर्मिंघम की सिंघम ने आगरा से लिया था सबक, हार भी नहीं डिगा सकी हौसला

Sun, 07 Aug 2022 01:15 PM IST
धीरेन्द्र सिंह सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आगरा

सार

नेशनल वूमेंस रेसलिंग चैंपियनशिप में साक्षी मलिक को मिली हार भी हौसला नहीं डिगा सकी।  उन्होंने प्रैक्टिस टाइम बढ़ाने का फैसला ले लिया था। जिसके बाद बर्मिंघम में जीत का इतिहास रचा।
 
विज्ञापन
साक्षी मलिक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बर्मिंघम की सिंघम बनीं भारतीय पहलवान साक्षी मलिक के सोने की चमक के पीछे आगरा में मिली हार से ली गई सीख है। लड़ामदा में फरवरी 2021 में हुई सीनियर नेशनल वुमेंस रेसलिंग चैपियनशिप में वह हार गई थीं। इसके बाद भी उनका हौसला नहीं डिगा। पहली बड़ी हार से बिना घबराए साक्षी ने आगरा में ही प्रैक्टिस टाइम बढ़ाने का फैसला ले लिया था। भारतीय कुश्ती दल के चीफ कोच जितेंद्र यादव ने भी लड़ामदा में साक्षी की फाइनल कुश्ती देखी थी। उन्होंने कहा कि उस समय साक्षी का सिर्फ दिन खराब था। बाकी सब परफ्केट था।

विज्ञापन


बर्मिंघम में साक्षी मलिक के पदक जीतने के बाद भारतीय महिला कुश्ती दल के चीफ कोच जितेंद्र यादव ने बताया कि आगरा की हार से साक्षी ने काफी कुछ सीखा। प्रैक्टिस टाइम बढ़ाया। अपनी खामियों को दूर किया। साथ ही फिटनेस पर पूरी तरह से ध्यान दिया। कॉमनवेल्थ गेम्स में साक्षी का स्वर्ण उसके हौसलों का सुखद परिणाम है। सीनियर नेशनल वुमेंस रेसलिंग चैंपियनशिप में रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक की हार पहलवानों के साथ ही देश के कुश्ती प्रेमियों के लिए नई सुर्खियां बनीं थी। वह फाइनल मुकाबले में हरियाणा की पहलवान सोनम मलिक से 7-4 से हारी थीं। 

भारतीय कुश्ती संघ को था विश्वास 

लड़ामदा में सन 2021 में हुई सीनियर नेशनल वुमेंस रेसलिंग चैंपियनशिप में साक्षी मलिक की हार के बाद भी भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने पहलवान साक्षी मलिक के कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने का विश्वास जताया था। सिंह ने पहलवान सोनम के खेल की तारीफ की थी, वहीं पहलवान साक्षी मलिक के खेल को कम नहीं आंकने की बात भी कही थी। 

बर्मिंघम में नहीं दिखी खामी

जिला कुश्ती संघ के सचिव एमडी खान का कहना है कि साक्षी के सोने ने उदयीमान पहलवानों को संदेश दिया है कि एक हार सबक सिखाती है। अपनी चूक को समाप्त करने का। आगरा में हुई खामियां इस बार बर्मिंघम में खेल के दौरान दिखाई नहीं दीं।

जज्बे में दिखा था दम

जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष नितेश शर्मा का कहना है कि कॉमनवेल्त गेम्स में साक्षी का स्वर्ण कभी हार नहीं मानने वाले संकल्प का नजीता है। शर्मा बताते हैं कि लड़ामदा में खेली गई चैंपियनशिप के दौरान भले साक्षी फाइनल मुकाबला हार गई थीं, लेकिन उनके जज्बे ने साफ कर दिया था कि या तो वो जीतती हैं या सीखती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें