डावली गांव में धर्म परिवर्तन कर हिंदू बने मुस्लिम परिवार ने अधिकारियों की ‘घुट्टी’ के बाद पूजा-पाठ बंद कर दी है। घर के सामने पांच दिन से जिस स्थान पर हवन-पूजन हो रहा था, वहां से हवन कुंड के साथ-साथ देवताओं के चित्र भी हटा दिए गए हैं। घर के एक कोने में साईं बाबा की छोटी सी मूर्ति जरूर रखी है। परिवार को धमकी मिलने के बाद से पीएसी गांव में तैनात है। अधिकारियों की पूछताछ के बाद डरे-सहमे परिवार ने विवादों से बचने के लिए मुंह बंद कर लिया है।
बता दें, 25 दिसंबर की शाम थाना मलपुरा क्षेत्र के डावली गांव के रठिया मजरा में रहमत के सत्रह सदस्यीय परिवार ने मुस्लिम धर्म त्यागकर विधि-विधान के साथ हिंदू धर्म अपना लिया था। रहमत के बड़े बेटे आरिफ उर्फ रवि ने रविवार को देव प्रतिमा स्थापित करने की बात कही थी। सोमवार को पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रठिया पहुंच गए। यहां कई घंटे तक परिजनों से अकेले में पूछताछ की। इसी दौरान रवि ने धमकी मिलने की बात कही थी। तब सोमवार देर शाम से ही गांव में पीएसी तैनात कर दी गई।
अधिकारियों द्वारा धर्म परिवर्तन करने वाले परिवार के सदस्यों को क्या घुट्टी पिलाई, यह तो नहीं पता लेकिन उनके जाने के बाद से परिजनों ने अपनी जुबान पर तो ताला लगा लिया। मंगलवार को घर के सामने रखे देवताओं के चित्र और छोटी मूर्तियां भी हटा दी गईं। हवन कुंड वाली जगह को झाड़ूू लगाकर साफ कर दिया गया है। ज्यादा कुरेदने पर परिवार के सदस्य हिंदू बने रहने के फैसले पर डटे रहने की बात तो कहते हैं लेकिन मूर्ति या हवन कुंड हटाए जाने पर जवाब से उनके दबाव में होने का पता चलता है। अफसरों की पूछताछ के पहले तक वहां सामूहिक रूप से पूजन करने वालों ने हिचकते हुए बताया साफ-सफाई के मद्देनजर मूर्तियां, कुंड व चित्र हटाए गए हैं।