ताजनगरी के सीनियर सिटीजन, जो सेवानिवृत्त के बाद भी जारी रखे हैं सेवाकार्य
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सालों साल तक सरकारी नौकरी की, व्यापार को बढ़ाया। सेवानिवृत्त हुए तो सेवा का बीड़ा उठा लिया। हमारे सीनियर सिटीजन लोगों का निशुल्क इलाज कर रहे हैं, बच्चों को बिना फीस लिए पढ़ा रहे हैं। नए खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं। अपने संसाधनों से जरूरतमंदों की मदद कर समाज को आगे बढ़ा रहे हैं। बुजुर्ग की हैसियत से जिंदगी जीने का सलीका सिखा रहे हैं।
पांच हजार से अधिक लोगों का निशुल्क इलाज
वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े 62 साल के एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. पंकज भाटिया वनवासी क्षेत्रों में निशुल्क इलाज कर रहे हैं। कमला नगर निवासी डॉ. भाटिया ने एसएन मेडिकल कॉलेज से वर्ष 1987 में एमबीबीएस किया। तभी निशुल्क इलाज करने का संकल्प लिया था।
झारखंड और छत्तीगढ़ के में वह पांच हजार से अधिक लोगों का इलाज कर चुके हैं। आश्रम से जुड़े सदस्यों को भी वह बिना किसी फीस के चिकित्सा परामर्श देते हैं। एमबीबीएस करने के दौरान गरीब लोगों का दर्द नजदीक से महसूस किया। तभी यह प्रण लिया था कि लोगों का निशुल्क इलाज करूंगा-
डॉ. पंकज भाटिया
इलाके के बुजुर्ग, परिवारों को टूटने से बचा रहे
जयपुर हाउस निवासी 78 साल के जीवतराम करीरा कई परिवारों के लिए बुजुर्ग का दर्जा रखते हैं। तिल के व्यापार में नई ऊंचाइयां छूने के बाद दस साल पहले समाजसेवा का संकल्प लिया। उनके कर्मचारी, आसपास के लोग, परिचितों के परिवार उनसे हर मुद्दे पर सलाह लेते हैं।
पति-पत्नी के बीच विवाद, भाइयों के बीच जमीन का विवाद और भी पारिवारिक कलह के मामलों में उनकी सलाह कई परिवारों को बिखरने से बचा चुकी है। परिवार में विवाद पर लोग सलाह लेते हैं। अधिकांश मामलों में विवाद खत्म हो जाता है। परिवार बिखरने से बचता है तो सुकून मिलता है- जीवतराम करीरा
सेवानिवृत्ति के बाद नए खिलाड़ी तैयार कर रहे
बाह निवासी खेलकूद और व्यायाम शिक्षक बीरेंद्र सिंह तोमर ने सेवानिवृत्ति के बाद भी मैदान नहीं छोड़ा। नए खिलाड़ियों को गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। डेढ़ साल में 35 से अधिक युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। आसाराम रत्नलाल इंटर कालेज, जरार से सेवानिवृत्त बीरेंद्र सिंह रोज एक घंटा इस काम को देते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रतिभा संपन्न होने के बावजूद उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। सेवानिवृत्त होने के बाद यह बीड़ा उठाया -बीरेंद्र सिंह तोमर
रोज 20 विद्यार्थियों को निशुल्क पढ़ाते हैं
महर्षि परशुराम इंटर कालेज से सेवानिवृत्त डॉ. रामदत्त शर्मा हर रोज बीस विद्यार्थियों को निशुल्क पढ़ाते हैं। दो साल पहले सेवानिवृत्त हुए। एक हफ्ते बाद से ही अंग्रेजी विषय की निशुल्क कक्षा शुरू कर दी।
अंतराम की बगीची, कटरा बजीर खां, रामबाग निवासी डॉ. शर्मा के घर गरीब और विकलांग बच्चों ने पहुंचना शुरू कर दिया। संख्या बढ़ी तो बैच बढ़ा दिए।सभी के लिए यह सुविधा है। विकलांग विद्यार्थियों के लिए अलग से बैच बनाया है। हर रोज दो घंटे बच्चों को पढ़ाता हूं- डॉ. रामदत्त शर्मा