तनाव की नई वजह सामने आई: डॉ. राठौर
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि कोरोना में मानसिक रोग की नई वजह सामने आई है। मरीज संक्रमण, व्यापार-धंधे, नौकरी के लिए चिंतित रहने से तनावग्रस्त हो गए। परिजनों ने शुरुआत में नजरअदांज किया। लंबे समय तक ऐसे हालातों से गंभीर स्थिति बनी।
हताशा खतरनाक, सकारात्मक बातों से करें प्रेरित: डॉ. गुरनानी
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. केसी गुरनानी ने बताया कि सामान्य दिनों के मुकाबले कोरोना महामारी में हताशा, चिंता, तनाव और अवसाद के मामले बढ़े हैं। फोन पर रोजाना 10 से 15 मरीज परामर्श लेते हैं। परिजन-मित्रों को प्रेरित करें कि बीमारी से जीवन का अंत नहीं, फिर से माहौल सामान्य होगा।
इन बातों का रखें ध्यान
- बीमारी, आर्थिक परेशानी के कारण घर का सदस्य चिंतित है तो उससे सकारात्मक बातें करें।
- चिंता और तनाव से बचने के लिए योग, संगीत, पेंटिंग, बागवानी, लेखन में समय बिताएं।
- भूख न लगना, हताशा, चिंतित होने पर उसको अकेला न छोड़े, उसके साथ समय बिताएं।
- मानसिक रोगी हैं तो उनकी निगरानी, चिकित्सकों से परामर्श और काउंसिलिंग कराते रहें।