12-17 साल तक के बच्चे: परीक्षा की तैयारी, कक्षा में प्रदर्शन का दबाव।
18 से 30 साल के लोग: प्रतियोगी परीक्षा, कॅरियर, मनमाफिक जॉब न मिलना, ब्रेकअप।
30 से 45 साल: मार्केट का दबाव, पॉलिसी, कार्य का लक्ष्य, आउटडोर पोस्टिंग, जॉब की अस्थिरता।
यह बोले विशेषज्ञ
तनाव के चलते 65 फीसदी मरीजों में हृदय की कार्यक्षमता कम मिली। मांसपेशी कमजोर होने से सांस फूलना, घबरा जाना, पसीना आने जैसी परेशानी मिली। तीन वर्गों की स्टडी में तनाव मुख्य कारक था, बस वजह अलग-अलग थी। - डॉ. राजकुमार गुप्ता, सदस्य इंडियन कॉर्डियोलॉजी एसोसिएशन
तनाव, फास्ट फूड का बढ़ते चलन से 25-30 साल के मरीज भी हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह लंबे समय तक यही हाल मिला। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया, बाद में गंभीर स्थिति बनने पर चिकित्सक के पास पहुंचे। - डॉ. जय बाबू, हृदय रोग विशेषज्ञ
150 किलो कैलोरी से अधिक मात्रा शरीर में जाने पर यह बीमारी की वजह बनती हैं। तेल, चिकनाई और नमक के अधिक इस्तेमाल से बीपी, मधुमेह और मोटापा की समस्या हो रही है। इससे हृदय रोग का खतरा और बढ़ जाता है। - मिनी शर्मा, डायटीशियन एसएन मेडिकल कॉलेज
नमक, चीनी और तेल का अधिक उपयोग लगभग हर बीमारी की वजह में है। इनके अधिक इस्तेमाल से हाई ब्लडप्रेशर, मधुमेह और मोटापा का खतरा है, जो सीधे हृदय को प्रभवित करता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा बताती हैं कि 150 किलो कैलोरी से अधिक मात्रा शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचाती है। इसे नियंत्रित करने के लिए चीनी, नमक और तेल जितना रोजाना इस्तेमाल करते हैं, उसमें एक-एक चम्मच कम कर दीजिए।
प्रतिदिन इतनी मात्रा में लें तेल, नमक और चीनी
नमक: छह ग्राम
चीनी: 25-30 ग्राम
चिकनाई: 30 ग्राम