विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) नमक, चीनी और तेल कम इस्तेमाल के लिए यूं ही लोगों को जागरूक नहीं कर रहा। बीमारियों की बड़ी वजह यही पाई गई है। इनके अधिक उपयोग से मधुमेह, हृदय रोग, लिवर, मोटापा, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।
डब्ल्यूएचओ दिन में उपयोग करने वाली चीनी, नमक और तेल में एक चम्मच कम इस्तेमाल करने के लिए जागरूक कर रहा है। डॉक्टर मानते हैं कि इनकी अधिकता के चलते लोग अनजाने में बीमार बन रहे हैं। फिट रहने के लिए इनका कम से कम इस्तेमाल जरूरी बताते हैं।
आगरा के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जय बाबू बताते हैं कि हृदय, बीपी, मधुमेह रोगियों की पड़ताल में पाया कि 90 फीसदी इनका उपयोग अधिक मात्रा में करते पाए गए। एसएन कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम बताते हैं कि इन तीनों का अधिक उपयोग स्ट्रोक, मधुमेह, हार्टअटैक का खतरा अधिक रहता है। मरीजों को दवाओं के साथ नमक, चीनी और तेल की नियंत्रित मात्रा लेने की सीख भी देते हैं।
नमक, चीनी, तेल का औसत उपयोग:
एसएन मेडिकल कॉलेज के डायटीशियन डॉ. मिनी शर्मा बताती हैं कि दिन में पांच ग्राम नमक, 30 ग्राम तेल और 30 ग्राम चीनी का औसत मानक है। ये किसी भी रूप में कुल मात्रा है। वैसे, लोगों को 2500 से 2800 किलो कैलोरी, 50-60 ग्राम प्रोटीन दिन भर में लेनी चाहिए। खाने में अनाज, दाल, हरी सब्जी, फल, दूध या उससे बनी सामग्री लेनी चाहिए। मांसाहारी हैं तो मांस अंडे और मछली ले सकते हैं।
ये होती है बीमारी
नमक: नमक के अधिक इस्तेमाल से ब्लडप्रेशर हाई और आस्टियोपारोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) होने का खतरा अधिक है। डिहाइड्रेशन और गुर्दे में पथरी होने की भी संभावना रहती है।
चीनी: इंसुलिन बनाने की ग्रंथि प्रभावित होती है। शरीर में इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि नष्ट हो सकती है। वजन बढ़ता है, जो मधुमेह को जन्म दे सकती है। दांत कमजोर होकर झड़ने लगते हैं।
तेल: खाने में अधिक तेल के उपयोग से मधुमेह, स्ट्रोक, मोटापा, हृदय रोग और कोलेस्ट्रोल की बीमारियां होने का खतरा रहता है। हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है।
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