पर्यावरण के लिए लॉकडाउन टॉनिक साबित हुआ। आगरा की बिगड़ी आबोहवा की सेहत सुधर गई, तो यमुना को भी प्रदूषण से मुक्ति मिल गई। हवा-पानी साफ हुए तो ताजमहल भी खिल उठा, लेकिन लॉकडाउन हटते ही फिर से प्रदूषण बढ़ गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स (वायु गुणवत्ता सूचकांक) में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा में जबरदस्त उछाल आया। ताजनगरी में इसकी मात्रा सामान्य से 40 गुना तक पहुंच गई।
लॉकडाउन की अवधि में मोनो ऑक्साइड की मात्रा सामान्य से आठ से 12 गुना तक ही ज्यादा थी। सड़कों पर एकाएक वाहनों के आ जाने और डीजल के वाहनों की संख्या सड़क पर बढ़ जाने के कारण प्रदूषण में यह बढ़ोतरी मानी जा रही है।
आगरा का प्रदूषण मीटर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए एयर क्वालिटी इंडेक्स (वायु गुणवत्ता सूचकांक) में बुधवार को आगरा में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 40 गुना तक ज्यादा दर्ज की गई। यही हाल मंगलवार को रहा।
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न्यूनतम |
सामान्य |
अधिकतम |
| कार्बन मोनोऑक्साइड |
01 |
59 |
159 |
| नाइट्रोजन डाईऑक्साइड |
20 |
27 |
35 |
| ओजोन |
10 |
58 |
195 |
| पीएम 2.5 ( पर्टिकुलेट मैटर) |
43 |
69 |
128 |
| सल्फर डाईऑक्साइड |
18 |
33 |
47 |