स्कूल परिसर में रोपे पौधे
- फोटो : अमर उजाला
राकेश गर्ग ने कहा कि मनुष्य प्रकृति का एक अभिन्न अंग है। हमें कभी भी प्रकृति को नष्ट नहीं करना चाहिए। उसके संरक्षण में अपना पूरा योगदान देना चाहिए। मुख्य वक्ता अंकुश दवे ने प्रदूषण न फैलाने तथा पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए सभी को प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा से ही दुनिया की सुरक्षा संभव है। डॉ. रोली ने जल के महत्व को बताते हुए पानी बचाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने ग्रे वॉटर हार्वेस्टिंग के बारे में विस्तार से बताया कि जल को किस-किस प्रकार से बचाया जा सकता है।
ईको ब्रिक्स की गतिविधि के बारे में बताया
पुनीत जैन ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के अंतर्गत ईको ब्रिक्स की गतिविधि के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को ईको ब्रिक्स बनाने और तैयार की गई ईको ब्रिक्स को 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विद्यालय में जमा करने के लिए प्रेरित किया। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए कम से कम एक ईको ब्रिक विद्यालय में जमा करना अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा ईको ब्रिक्स बनाने वाले विद्यार्थी को अमर उजाला और नेप्रो ईको क्लब की ओर से पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते राकेश गर्ग
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विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि प्रिल्यूड स्कूल में सभी हरित नमस्कार करके अभिनंदन करने की विशेष परंपरा का निर्वहन करते हैं। इससे सभी में पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए एक नया जोश, एक नया संकल्प रहता है। सभी प्रिल्यूडियंस पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति कृत संकल्पित हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रीति डेम्बला, सोनम सरीन और मृगाक्षी शुक्ला ने किया।
मंथन के मोती
- प्रकृति को नष्ट न करें, उसके संरक्षण में योगदान दें।
- प्रदूषण नहीं फैलाएं, लोगों को इस संबंध में समझाएं।
- जल का महत्व समझें। पानी बचाएं। जागरूक करें।
- वॉटर हार्वेस्टिंग को समझें और उसका प्रयोग करें।