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World Cancer Day 2021: हौसले से जीत ली कैंसर से जंग, मुस्करा उठी जिंदगी

Thu, 04 Feb 2021 11:22 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सांकेतिक तस्वीर
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कैंसर जिंदगी का अंत नहीं है...यह बस एक बीमारी है। सही समय पर इलाज से यह पूरी तरह से ठीक हो जाती है। आगरा में ऐसे कई लोगों ने इलाज कराया, जरूरत पड़ी तो ऑपरेशन कराया। डॉक्टरों के कहने पर तंबाकू से तौबा कर ली। हौसले से कैंसर से जंग जीत गए, जिंदगी फिर से मुस्कराने लगी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग इस समय करीब 2,500 मरीज इलाज करा रहे हैं। सबसे ज्यादा मरीजों में मुंह, गले, बच्चेदानी के मुख, स्तन कैंसर मिलता हैं। कैंसर रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना करीब 80-90 मरीज आते हैं। जिसमें से छह-दस नए मरीज होते हैं।  हर महीने कैंसर की पहली-दूसरी स्टेज पर आने वाले 20 से 30 मरीज हर महीने ठीक होकर खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं।  

'विजय ने मुख के कैंसर को मात दी'
आवास विकास कॉलोनी निवासी 46 साल के विजय कुमार को मुख का कैंसर हुआ। वह 15 साल से तंबाकू खा रहे थे। गाल में छाला हुआ। दो-तीन महीने तक यह ठीक नहीं हुआ तो चिकित्सक को दिखाया। जांच पर मुख के कैंसर की बात सामने आई। इलाज शुरू हुआ। ऑपरेशन के बाद दो साल तक दवाएं चलीं। अब वह पूरी तरह से ठीक हैं। तंबाकू भी छोड़ दी है। 
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दो साल इलाज के बाद पूनम स्वस्थ
लोहामंडी निवासी 42 साल की पूनम को खाने की नली का कैंसर हो गया था। परेशानी होने पर उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज में दिखाया। इलाज शुरू हुआ। दो साल तक इलाज चला। रेडियोथेरेपी भी हुई। अब मर्ज पूरी तरह से ठीक हो गया है। कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं है। अभी फॉलोअप में वह चिकित्सकों को दिखाने आती रहती हैं।  

अप्सा अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता की 38 साल की बेटी की जनवरी, 2020 में स्तन कैंसर से मौत हो गई। तब से उन्होंने इस बीमारी के प्रति जागरूकता लाने का बीड़ा उठाया हुआ है। उन्होंने बताया कि अब किसी और बेटी की जान न जाए, इसके लिए प्रयासरत हूं। बेटी की स्मृति में स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ हर महीने शिविर लगवाकर बीमारी के लक्षण व बचाव के बारे में जागरूक करता हूं।

शिक्षाविद् डॉ. नवीन गुप्ता ऑटो चालकों के बीच ‘तंबाकू छोड़ो’ अभियान चला रहे हैं। इसके लिए व आयुर्वेद की औषधियों का सहारा भी लेते हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश ऑटो चालक तंबाकू खाते हैं। वर्ष 2014 में एक परिचित ऑटो चालक को मुंह का कैंसर हुआ। उसकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। निशुल्क ऑपरेशन कराकर जान बचाई। तभी से अभियान शुरू कर दिया।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग की डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि कैंसर के शुरुआती लक्षण मिलने पर मरीज आकर इलाज करा रहे हैं। उनको तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ इलाज भी करते हैं। हर महीने 20 से 30 मरीज कैंसर से जंग जीत जाते हैं। 

वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र देव ने बताया कि कैंसर की आशंका होने पर भी लोग उसे नजरअंदाज करते हैं। यह ठीक नहीं हैं। लापरवाही न बरतें, चिकित्सक के पास जाएं। पहली और दूसरी स्टेज तक मरीज आने पर यह बीमारी भी ठीक हो रही है। 

जिले में कैंसर मरीजों के आंकड़े 
2500 - कुल मरीज 
205 - मरीज बच्चेदानी के मुख के कैंसर के
165- मरीज स्तन कैंसर के
756- मरीज मुंह और गले के कैंसर के 
928- रेडियोथेरेपी कराने वाले मरीज
450- मरीज विभिन्न कैंसर के मरीज 
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