आगरा नगर निगम के संविदा सफाई कर्मचारी को ड्यूटी के दौरान हुए सड़क हादसे के बाद इलाज के लिए आर्थिक सहायता नहीं मिलने से यमुनापार क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। बुधवार को कर्मचारियों ने सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक सफाई कार्य बंद कर धरना प्रदर्शन किया। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
गोकुलपुरा-राजामंडी, आगरा निवासी सरजू नगर निगम के वार्ड 67 में संविदा सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। 20 अप्रैल को वह एत्माउद्द्दौला थाने के सामने सुबह करीब 10 बजे सफाई कार्य कर रहे थे। इसी दौरान यमुना ब्रिज की ओर से तेज रफ्तार में बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सरजू का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब तक इलाज में 85 हजार रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं, जबकि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। घायल कर्मचारी और परिजन ने नगर आयुक्त व उप नगर आयुक्त से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला।
आश्वासन मिलने पर काम पर लौटे कर्मचारी
घटना से नाराज यमुनापार क्षेत्र के संविदा और स्थायी सफाई कर्मचारियों ने बुधवार सुबह नगर निगम कार्यालय पर एकत्र होकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने सफाई कार्य पूरी तरह बंद कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन पदाधिकारी सिकंदर सिंह का कहना है कि सफाई कर्मचारी रोजाना जान जोखिम में डालकर काम करते हैं, लेकिन हादसे के बाद निगम प्रशासन उनकी सुध नहीं लेता। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि घायल कर्मचारी को जल्द आर्थिक सहायता नहीं मिली तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। दोपहर में अधिकारियों द्वारा फोन कॉल पर सहायता दिलाने का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त कर कर्मचारी काम पर लौट आए।