आगरा के रुनकता में नेशनल हाईवे हीरालाल प्याऊ स्थित लाम्बा फुटवियर फैक्टरी का मजदूर राजकुमार पिछले 17 दिनों से अपने परिवार सहित फैक्टरी गेट पर धरने पर बैठा है। राजकुमार अपनी पत्नी, तीन नाबालिग बच्चों और बुजुर्ग पिता के साथ लगातार मुआवजे की मांग कर रहा है।
19 जनवरी को फैक्टरी के मजदूरों को घर छोड़ने जा रही मैक्स गाड़ी की उत्तरी बाईपास पर बस से भिड़ंत हो गई थी। देर रात 12 बजे हुई इस दुर्घटना में 15 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि तीन मजूदरों की मौके पर मौत हो गई थी। घायलों में राजकुमार भी शामिल थे, जिनके पैर में गंभीर चोट आई। धरने पर मौजूद किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह और धीरज सिकरवार ने बताया कि फैक्टरी मालिक ने न तो राजकुमार का इलाज कराया, न ही मुआवजा दिया, बल्कि नौकरी से भी निकाल दिया।
पिछले 9 महीने से राजकुमार दर-दर की ठोकरें खा रहा है और अब मजबूरन परिवार सहित 8 सितंबर से धरना दे रहा है। परिवार का आरोप है कि इलाका पुलिस बार-बार झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर धरना समाप्त कराने का दबाव बना रही है। किसान मजदूर नेता दिलीप चौधरी और किसान नेता धीरज सिकरवार ने अपने साथियों सहित समर्थन जताया। इनमें धर्मेंद्र परमार, बाबूलाल बाल्मीकि, लक्ष्मी नारायण, सोहन सिंह, गिर्राज, मयंक नाथ, उदयभान, वीरेंद्र, पवन कुशवाह, इंद्रा देवी, कमलेश देवी, राजेश कुमारी सहित कई लोग मौजूद रहे।