सुनील के शोर मचाने पर लोग एकत्रित हो गए। परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए। परिवारीजनों और क्षेत्रीय लोगों की मदद से शिवराम को मिट्टी से बाहर निकालकर उपचार को सरकारी ट्रॉमा सेंटर लाए। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर कोतवाल दक्षिण श्याम सिंह पुलिस बल के साथ सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम केलिए ले जाने का प्रयास किया तो परिवार के लोग विरोध कर मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे। पुलिस ने समझा कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। हादसे की जानकारी होते ही नगर निगम निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अनमेंद्र गौतम टीम के साथ अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया।
मानकों को ताक पर रखकर हो रही थी खोदाई
कार्यदाई संस्था द्वारा मानकों को ताक पर रखकर गड्ढा कराया जा रहा था। जेसीबी मशीन से गहरा गड्ढा होने के बाद मजदूरों को अंदर उतारने से पूर्व ठेकेदार द्वारा मिट्टी रोकने के लिए किसी तरह का कोई इंतजाम नहीं किया था।
मिट्टी रोकने के लिए कोई सपोर्ट नहीं लगाया गया। इसी का नतीजा रहा कि मिट्टी यकायक पलटी और मजदूर दब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने यह भी बताया कि कार्य के दौरान कार्यदायी संस्था का एक कर्मचारी मौजूद था लेकिन घटना होते ही वह मौके से चला गया।
जलकल नगर निगम के सहायक अभियंता शिवराज वर्मा ने बताया कि हादसा ठेका लेने वाली कंपनी की लापरवाही के कारण हुआ है। मजदूरों को 15 फीट गहरे गड्ढे में उतारने से पूर्व मिट्टी को रोकने के लिए सपोर्ट लगानी चाहिए थी, पर ठेकेदार ने ऐसा नहीं किया। प्रथम दृष्टया ठेकेदार की लापरवाही से हादसा हुआ है। जांच की जाएगी। ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। ताकि घटना की पुनरावृत्ति न हो।
नगर आयुक्त विजय कुमार ने कहा कि कार्य के दौरान ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों को कार्यदायी संस्था से मदद के लिए मुआवजा दिलाया जाएगा।