आगरा की 12 और 14 साल की दो सहेलियां माता-पिता की डांट के बाद पांच दिन पहले घर से निकल गईं। वो शुक्रवार को मथुरा पहुंच गईं। उन्हें पहले कुछ युवकों ने, इसके बाद किन्नरों ने जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। सहेलियों ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों से मदद मांगी। इस पर पुलिस ने पहुंचकर दोनों को बचाया। बाद में चाइल्ड लाइन की मदद से आगरा भेज दिया। बाल कल्याण समिति के आदेश पर दोनों को रविवार को परिजनों के सुपुर्द किया गया।
न्यू आगरा के अबुल उलाह दरगाह निवासी 12 साल की बालिका के पिता ऑटो चालक हैं, जबकि टेढ़ी बगिया निवासी 14 साल की किशोरी के पिता राजमिस्त्री हैं। बालिका और किशोरी में पहचान थी। पांच दिन पहले माता-पिता ने किसी बात पर दोनों को डांट दिया था। इस पर घर से निकल गईं। वो वाहनों में बैठकर टूंडला, फिरोजाबाद और हाथरस तक गईं। शुक्रवार को उन्हें एक वाहन चालक मथुरा छोड़ गया। वह बस स्टैंड पर बैठी हुई थीं।
...तो युवकों ने घेर लिया
एक ऑटो चालक उन्हें जबरन ले जाने की कोशिश करने लगा। कुछ युवक और आ गए। वो उन्हें साथ लेकर जाने की कहने लगे, लेकिन दोनों उनकी हरकत को भांप गईं। इस पर मना कर दिया। वहां से भाग गईं। बाद में किन्नर मिल गए। वो घर में आसरा देने की कहने लगा।