फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एयरपोर्ट: ताज का नाम, सैफई में काम

Thu, 07 Jan 2016 01:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट। इस नाम से ही लगता है कि एयरपोर्ट आगरा में बनेगा, लेकिन जमीन तलाशी जा रही है 110 किमी दूर इटावा जिले के सैफई में। समाजवादी पार्टी सरकार ने सैफई और बाह के भदरौली में ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन तलाशने और फिजीबिलिटी के लिए 11.66 लाख रुपये भी जारी कर दिए हैं। एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया सर्वे कर सैफई और भदरौली के विकल्प पर अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगी।
विज्ञापन


प्रदेश में समाजवादी पार्टी सरकार बनने के बाद से ही आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का वादा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करते रहे हैं। दुनिया भर के प्रतिनिधिमंडलों के सामने भी आगरा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने का दावा किया जाता रहा। लेकिन एक बार फिर सैफई आगरा पर भारी पड़ा है। आगरा में 13 साल से स्थानीय प्रशासन एयरपोर्ट के लिए जमीन ढूंढता रहा, लेकिन हर बार फेल साबित हुआ। ताजमहल के 350वें वर्ष पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए आगरा-मथुरा के बीच जमीन ढूंढने का काम शुरू हुआ।

ऐसे खिसकती गई जमीन
एयरपोर्ट के लिए जमीन तलाशने का काम शुरू तो आगरा से हुआ, लेकिन यह सैफ ई तक पहुंच गया। बसपा सरकार में जेवर के बाद जमीन कुबेरपुर और खंदौली के पास तलाशी गई, लेकिन सपा सरकार बनने के बाद फिर से एक्सप्रेस वे और फिर फीरोजाबाद के हिरनगांव को चुना गया। हिरनगांव के नाम पर भी आपत्ति के बाद सपा सरकार ने इसे और आगे बढ़ाते हुए सीधे सैफई को चुना है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने एक जनवरी को शासनादेश भी जारी कर दिया। प्रदेश सरकार के सचिव एसके रघुवंशी ने निदेशक नागरिक उड्डयन विभाग को यह जानकारी दी है कि ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सैफई और भदरौली में प्रस्तावित स्थलों की प्री-फिजीबिलिटी स्टडी के लिए 11.66 लाख रुपये जारी किए गए हैं। एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को स्टडी के लिए यह राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन


ताज को भी सैफई शिफ्ट कर दे सपा : चौ. बाबूलाल
फतेहपुर सीकरी के सांसद चौ. बाबूलाल का कहना है कि स्टडी तो दिखावा है। जब सैफई में ही ताज एयरपोर्ट बनाना है तो ताजमहल को भी आगरा से शिफ्ट करा ले सरकार। आगरा-फतेहपुर सीकरी के बीच बहुत जमीन है। हमने भी जमीन देने को संसद में कहा था। प्रदेश सरकार को जमीन चाहिए तो हम सीकरी में देने को तैयार हैं। आगरा से महज 25-30 किमी दूर है। मथुरा, भरतपुर को भी फायदा होगा। जितनी देर में सैफई से पर्यटक आएंगे, उतने में तो एक्सप्रेस वे से दिल्ली से ही आ जाते हैं। यह आगरा की जनता का अपमान है। वह इस मुद्दे पर सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराए। वह पूरा साथ देंगे।

‘आगरा, इटावा, मथुरा, फीरोजाबाद को मिलाकर जोन प्रस्तावित है। आगरा से सैफई ज्यादा दूर नहीं है। लायन सफारी, चंबल सफारी के साथ ताजमहल को भी इसका फायदा होगा।’
राम सकल गुर्जर, राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

इंटरनेशनल एयरपोर्ट को राजनीतिक न बनाते हुए गंभीरता से आगरा के 30-40 किमी दायरे में बनाया जाए। केवल आगरा नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश को इससे फायदा होगा। सरकार के लिए भी आगरा में एयरपोर्ट फायदेमंद रहेगा।
विज्ञापन

संदीप अरोड़ा, अध्यक्ष, आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें